मस्जिदों में रही रोनक
कसरावद से जितेंद्र सिंह सोलंकी दबंग देश
खरगोन जिले के कसरावद में मुस्लिम समाज के पवित्र माहे रमजान का आखिरी अशरा इन दिनों चल रहा है। इस दौरान आने वाली एक खास रात को शबे कद्र की रात कहा जाता है, जिसे हजारों महीनों से भी ज्यादा अफजल और बरकत वाली रात माना जाता है। मान्यता है कि शबे कद्र रमजान की 21, 23, 25, 27 और 29 वीं रातों में से किसी एक रात होती है, लेकिन समाज में 27 वीं रात को विशेष महत्व दिया जाता है।
इसी क्रम में गत रात 27 वीं रमजान को शहर के मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत की। मस्जिदों और घरों में नमाज अदा की गई, कुरान शरीफ की तिलावत की गई और अल्लाह का जिक्र करते हुए मगफिरत (गुनाहों की माफी) तथा देश में अमन-चैन की दुआएं मांगी गईं। रोजेदारों ने रोजा रखकर इस पाक रात को इबादत में बिताया। देर रात तक कब्रिस्तान में भी लोग अपने मरहुमो के लिए मगफिरत दुआएं के लिए गए। वही वही दरगाहों पर भी फातिया की गई।
मुस्लिम समाज के लोगों ने बताया कि चांद दिखाई देने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां भी अब शुरू हो गई। शहर सदर शेर खान अंसारी।

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