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वर्ल्ड टीबी डे केवल एक दिवस नहीं, बल्कि संक्रमण के विरुद्ध जनसंकल्प का प्रतीक है,श्री खराड़ी।World TB Day is not merely a single day, but a symbol of the collective resolve against the infection — Shri Kharadi.

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नाहरू मोहम्मद दबंग देश जावरा। सिविल हॉस्पिटल के न्यू मैटरनिटी विंग में वर्ल्ड टीबी डे के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम डॉ. संध्या बेलसरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।


कार्यक्रम के प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य टीबी (क्षय रोग) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. शंकरलाल खराड़ी ने कहा कि वर्ल्ड

 टीबी डे केवल एक दिवस नहीं, बल्कि संक्रमण के विरुद्ध जनसंकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर वर्ष विश्वभर में लगभग 3500 लोगों की मृत्यु टीबी के कारण होती है, वहीं वैश्विक स्तर पर टीबी के कुल मामलों में लगभग 27% हिस्सेदारी अकेले भारत की है। 

 सिविल हॉस्पिटल जावरा के प्रभारी डॉ. दीपक पालड़िया ने बताया कि टीबी के उपचार में अब व्यापक सुधार हुआ है। सरकार द्वारा मुफ्त जांच, निशुल्क दवा, पोषण सहायता एवं डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही “टीबी मुक्त पंचायत” अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत किया जा रहा है। 

 इस अवसर पर टीबी सुपरवाइजर ज्ञानेश पाटीदार ने टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी। 

 कार्यशाला में बसंती लाल

 मईडा (बीईई), भारत सिंह सोलंकी, विचित्र उपाध्याय,

 ललिता परिहार सहित

 सरदार पटेल कॉलेज के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन शैलेन्द्र कुमार दवे द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने टीबी उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने और समाज को इस बीमारी से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।

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