मख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का किया राज्य स्तरीय शुभारंभ
गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक चलने वाले इस अभियान में जल संरक्षण और जल संवर्धन समर्पित होंगे ढ़ाई हजार करोड़ के कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान को जन आंदोलन बनाने का किया आह्वान
23 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया शुभारंभ
जल गंगा संवर्धन अभियान में *मध्य प्रदेश में इंदौर बनेगा नंबर वन- महापौर
रितेश जैन दबंग देश
इंदौर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर में जल गंगा संवर्धन अभियान के राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में जल का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि जल के बिना कोई भी पूजा-पाठ पूर्ण नहीं माना जाता है और जल ही जीवन का आधार है। हमारी सृष्टि की उत्पत्ति भी जल से ही मानी गई है। भगवान विष्णु का प्रथम अवतार मत्स्य अवतार भी जल से ही प्रारंभ होता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य बिना भोजन के कुछ समय जीवित रह सकता है, लेकिन जल के बिना जीवन संभव नहीं है।
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव* ने आज गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर इंदौर से राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस अभियान का यह तीसरा वर्ष है। इस वर्ष यह अभियान 139 दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रदेशभर में लगभग 2500 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे। यह अभियान गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिन प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता दी गई है, उनमें नए तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, कुएं और बावड़ियों की मरम्मत, नहरों का निर्माण और सुधार, सूखी नदियों का पुनर्जीवन तथा भू-जल पुनर्भरण के लिए संरचनाओं का निर्माण शामिल हैं। प्रदेश के 10 हजार से अधिक चेक डेम और स्टॉप डेम के संधारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता के कार्यों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इन सभी कार्यों का उद्देश्य प्रदेश में वर्षा जल का अधिकतम संचयन करना और जल स्रोतों को स्थायी बनाना है। यह अभियान एक साथ प्रदेश के सभी 55 जिलों में क्रियान्वित होगा।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग श्री प्रताप करोसिया, विधायक श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़ तथा श्री गोलू शुक्ला, महापौर परिषद सदस्य श्री अभिषेक शर्मा बबलू, श्री राजेश उदावत, पार्षद श्री सुरेश कुड़वाड़े, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण सिंह चावड़ा, श्री संजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के *बिलावली, लिम्बोदी और छोटा सिरपुर, निपानिया तालाब* के जीर्णोद्धार सहित जल संरक्षण एवं संवर्धन संबंधी *लगभग 23 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन* किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में जल को पंचतत्वों में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नदियां पृथ्वी की धमनियों की तरह हैं, जो जीवन प्रदान करती हैं। मध्यप्रदेश को नदियों का मायका बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं, जो न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों को भी समृद्ध करती हैं।
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव* ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। पिछले वर्षों में प्रदेशभर में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है। इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पूर्व वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरी करण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए। उन्होंने नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, विक्रम संवत् और अन्य पर्वों की मंगल कामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया।
*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव* ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘ *विरासत से विकास’ के संकल्प* का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इसी सोच और दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ओर जहां समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए आधारभूत संरचना, पर्यटन, कृषि, उद्योग और जनकल्याण के क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को गौरवशाली विरासत के साथ बेहतर भविष्य भी मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में हुई दुखद घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आज की आधुनिक जीवनशैली में सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की भी आवश्यकता है, इस संबंध में उन्होंने नागरिकों से विशेष सुरक्षात्मक ऐहतियात बरतने की अपील की।
इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक और पर्यावरणीय संदेशों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी सहभागिता की। उन्होंने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया तथा गौ माता की पूजा कर उन्हें गो-ग्रास भी खिलाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि जल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निपानिया तालाब में विभिन्न पवित्र नदियों के जल का अर्पण भी किया।
*जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट* ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवसर अत्यंत पवित्र है, जब नववर्ष की शुरुआत के साथ जल संरक्षण का संकल्प लिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए इस अभियान को जन-जन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन” केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के जल संरक्षण का व्यापक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस अभियान की शुरुआत करने पहुंचे हैं, जो इस संकल्प की गंभीरता और महत्व को दर्शाता है। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विकास और जीवन का आधार है। हमारी संस्कृति में जल का विशेष महत्व रहा है—तालाब, कुएं, बावड़ियां और नदियां हमारी धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित और पुनर्जीवित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा तालाबों, नदियों, कुओं और नहरों के जीर्णोद्धार एवं गहरी करण का व्यापक कार्य किया जा रहा है। लाखों जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जल संरक्षण और सिंचाई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
कार्यक्रम में अपने संबोधन में *सांसद श्री शंकर लालवानी* ने कहा कि मध्य प्रदेश विकास के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विस्तार की दिशा में प्रदेश देश में अग्रणी स्थान पर है। उन्होंने इंदौर की सराहना करते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के हर क्षेत्र में इंदौर अग्रणी बनकर उभरा है। विशेष रूप से उन्होंने उल्लेख किया कि शहर में भूजल स्तर में हो रही वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है, जो जल संरक्षण के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
*महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव* ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी ने अपने 2 वर्ष के कार्यकाल में पूरे मध्य प्रदेश के जल स्रोतों को नया स्वरूप, नया रंग देने और का कार्य किया है और आज *गुड़ी पड़वा के शुभ दिन पर जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत* इस पुण्य भूमि से करने आए हैं। यह अभियान मध्य प्रदेश में सैकड़ो हजारों जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने वाला है, जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से शहरों के जल स्रोतों को नया स्वरूप देने वाले और स्वर्णिम मध्य
*महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव* ने कहा कि यह इंदौर के लिए सौभाग्य की बात है कि 27 तालाब को इस जल गंगा संवर्धन अभियान में नई ऊर्जा, तालाबों की चैनल खोलने का काम इस माध्यम से हुआ। इस इंदौर का अभियान के तहत कई सारे तालाबों के गहरी करण और सौंदर्यीकरण का काम होना है। मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का को विश्वास दिलाता हूं कि इस बार भी जल गंगा संवर्धन अभियान में *मध्य प्रदेश में इंदौर नंबर वन रहेगा*।
कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना "जल गंगा सर्वधन अभियान" में नागरिकों की जन भागीदारी* के माध्यम से जल संरक्षण एवं जल स्त्रोतों के उन्नयन / पुनरूद्वार कार्य हेतु जन-सामान्य हेतु शामिल करने तथा जल संरचनाओं के प्रतिस्वामित्व की भावना का विकास कर उसे संरक्षित करने हेतु "जल गंगा सर्वधन अभियान" की उद्घोषणा दिनांक 19.03.2026 से निपानिया तालाब से जा रही है, जिसकी अवधि दिनांक 19.03.2026 से दिनांक 30.06.2026 तक रहेगी। उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न जलीय संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों सहित वर्षा जल संग्रहण संबंधित कार्य जनभागीदारी के माध्यम से संपादित किये जावेंगे। *अमृत 2.0 योजनान्तर्गत लिम्बोदी, बिलावली एवं छोटा सिरपुर तालाब* के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य राशि रू. 21.43 करोड़ की लागत राशि से क्रियान्वित किया जाना है, जिसका भूमि पूजन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, उक्त कार्यों के क्रियान्वयन उपरान्त जलाशयों की क्षमता में वृद्धि होगी, पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा व इन्दौर शहर के नागरिकों के लिये एक रमणीय स्थल के रूप में विकसित किया जावेगा।
"जल गंगा सर्वधन अभियान वर्ष 2025-2026" के अंतर्गत निम्नांकित कार्यों को किया गया है जो इस प्रकार है।
नगर पालिक निगम इन्दौर की सीमा अंतर्गत आने वाले *11 तालाबों का गहरी करण और जिर्णोद्वार* का कार्य जनभागीदारी, सी.एस.आर गतिविधी एवं नगर निगम मद के अंतर्गत कराया गया।
*कुल 542 कुंओ में से जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत 282 प्राचीन कुओं का मरम्मत एवं जिर्णोद्वार का कार्य* नागरिको की सहभागीता एवं निगम मद से भी कराया गया इसमें *162 ऐसे कुएँ* शामिल है जो बहुत ही दयनीय स्थिति में होकर अपना अस्तित्व खोने की कगार पर थे। जिन्हे सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्त्रोतो को संरक्षित करने के दृष्टिगत किया गया।
नगर पालिक निगम इन्दौर के रिकार्ड में दर्ज *कुल 53 बावडी में से 21 बावडियों* पर एनजीओ एवं आसपास के नागरिकों की सहभागीता से स्वच्छता, सफाई कार्य कराया गया एवं जीर्णोद्धार और सौन्दर्याकरण का कार्य निगम मद से किया जाकर जल का उपयोग किया जाना सुनिश्चित किया गया।
जल गंगा सर्वधन अभियान अंतर्ग तशहर के तालाबों की आवक बढ़ाने वाली 24 चैनल की सफाई की गई जिसमे अवरोधो और अतिक्रमण को हटाया जाकर बाधा को दूर किया गया जिससे चैनल अपने मूल स्वरूप में स्थापित किया और इससे तालाबों मे पानी जल्द पहुंचने लगा। चैनल का गहरीकरण कर मिट्टी को आस पास पाल पर डाला गया काली मिटटी की परत को चैनल मे से हटाये जाने से जल का रिसाव हुआ जिससे भू-जल तक पानी पहुंचा और भू-जल रिचार्ज भी हुआ।
नगर पालिक निगम इन्दौर के द्वारा जल संरक्षण हेतु 25,588 निजी /शासकीय भवन/औद्योगिक भवन/व्यवसायिक भवन / धार्मिक स्थल एवं शैक्षणिक संस्थानो की छतो को रैनवाटर हावेस्टिंग सिस्टम से जोडा गया उक्त कार्य जनभागीदारी एवं सीएसआर अंतर्गत गतिविधि में क्रियान्वित किया ।
जल जमाव की स्थिति और भू-जलसंरक्षण के लिये सीएसआर अंतर्गत गतिविधि में *285 रिर्चाज शाफ्ट निर्माण* किया गया है। जिसमे प्रमुख रूप से कार्पोरेट, औद्योगिक संगठन, मेट्रो, एवं बैंको के द्वारा सहयोग प्राप्त हुआ है।
जन जागरूकता अभियान के तहत आम नागरिको को जवाबदेह बनाने एवं अपना दायित्व को समझाने के उद्देश्य से श्रमदान, जल रथ, साइक्लोथन, रैली, पेंटिंग, रंगोली, सौशल मिडिया एवं प्रिंट मिडिया इत्यादि से जागरूकता को बढाये जाने की गतिविधि नगर पालिक निगम इन्दौर के द्वारा की गई
मुख्यमंत्री द्वारा इन्दौर शहर के निपानिया तालाब से उक्त कार्यक्रम की उक्त तालाब का वर्तमान में विकास कार्य प्रगतिरत है, जिसकी *लागत राशि रू. 1. 77 करोड़* प्रस्तावित है, जिसमे तालाब की पाल (बंड) की सुरक्षा हेतु स्टोन पिचिंग, वॉक-वे, गज़ीबो एवं तालाब के संरक्षण व सौंदर्याकरण संबंधित कार्य किये जा रहे है। माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा अमृत 2.0 योजनांतर्गत राशि रू. 21.43 करोड़ की लागत होने से बिलावली, लिम्बोदी एवं छोटा सिरपुर के विकास कार्य के भूमि पूजन संपादित किया जावेगा, जिसमें तालाब की पाल की पिचिंग, वॉकवे निर्माण, चेनलिंक फेनसिंग, तालाब का गहरीकरण, वृक्षारोपण, ड्रिप इरिगेशन प्रणाली की स्थापना, फायटे रेमिडिशन, राऊ बिलावली चेनल की लाईनिंग व एरियेटर लगाने संबंधित कार्य किया जावेगा। साथ ही माँ अहिल्या की भूमि से संपूर्ण प्रदेश में वर्षा जल संचयन संबंधित इस महाअभियान की उद्घोषणा की जावेगी।
उक्त कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में प्राचीन जल स्त्रोतों के उन्नयन, स्वच्छता, पुर्नउद्वार, नई जल संरचनाओं का निर्माण, उपचारित जल का पुनः उपयोग एवं वर्षा जल संरक्षण के कार्यों में जनसहभागिता और जनजागरूकता के कार्यों को सुनिश्चित किये जाने का उद्देश्य है।
वर्ष 2026-27 में "जल गंगासर्वधन अभियान" के अंतर्गत जल स्त्रोतों के पुर्नउद्धार हेतु निम्न कार्य कराया जाना प्रस्तावित हैः-
27 तालाबों में से 10 का गहरी करण एवं पुनर्जीवन प्रस्तावित ।
542 चिन्हित कुओं में से 250 का जीर्णोद्धार एवं सफाई कार्य प्रस्तावित ।
53 बावड़ियों में से 27 का जीर्णोद्धार प्रस्तावित ।
24 चौनलों की सफाई एवं अतिक्रमण हटाकर जल आवक बढ़ाने की योजना।
10,000 भवनों को रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य ।
200 रिचार्ज शाफ्ट निर्माण प्रस्तावित ।
प्रत्येक वार्ड में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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