नवरात्रि में काली माता मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन..दबंग देश अनिल शर्मा गंजबासौदा
गंज बासौदा -- गंजबासौदा के बूडेपुरा स्थित काली माता मंदिर पर वृंदावन से पधारे श्री सुमित कृष्ण जी महाराज के द्वारा किया जा रहा है श्रीमद् भागवत कथा का वचन कथा के चौथे दिन शास्त्री जी ने बताया मां कुष्मांडा देवी नवदुर्गा का चौथा स्वरूप हैं, जिन्हें 'सृष्टि की आदि शक्ति' माना जाता है। उन्होंने मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की, इसलिए उन्हें ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। उनकी कृपा से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता व तेज आता है।
कुष्मांडा देवी की महिमा
सृष्टि की रचयिता: मान्यता है कि जब चारों ओर अंधकार था, तब देवी ने अपने मंद हास्य से ब्रह्मांड (अंड) को उत्पन्न किया।
सूर्यमंडल में निवास: माँ कुष्मांडा का निवास सूर्यलोक के भीतर माना जाता है। सूर्य को ऊर्जा और प्रकाश उन्हीं की शक्ति से मिलता है।
अष्टभुजाधारी: देवी की आठ भुजाएं हैं, जिनमें वे कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र, गदा और जपमाला धारण करती हैं।
रोग-शोक का नाश: उनकी उपासना से शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं, और जीवन में स्थिरता व सौभाग्य आता है।
श्री काली माता मंदिर बालाजी दरबार में चल रही कथा में सभी भक्त आनंद से भर गए
श्रीमद् देवी भागवत कथा
के मुख्य यजमान अरुण वैष्णव विशाल वैष्णव सुनीता वैष्णव एवं अनु महाराज
रामानुज शास्त्री अंकित वैष्णव दीपिका वैष्णव राजा राजपूत
गंगा राजपूत
मुकेश सिंग राजपूत
गोपाल शर्मासमस्त भक्त पारिकर
कथा के बाद प्रसादी वितरण हुई
कथा का आयोजन मध्यान्ह 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जाता है
नवरात्रि में काली माता मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन..
दबंग देश अनिल शर्मा गंजबासौदा
गंज बासौदा -- गंजबासौदा के बूडेपुरा स्थित काली माता मंदिर पर वृंदावन से पधारे श्री सुमित कृष्ण जी महाराज के द्वारा किया जा रहा है श्रीमद् भागवत कथा का वचन कथा के चौथे दिन शास्त्री जी ने बताया मां कुष्मांडा देवी नवदुर्गा का चौथा स्वरूप हैं, जिन्हें 'सृष्टि की आदि शक्ति' माना जाता है। उन्होंने मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की, इसलिए उन्हें ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। उनकी कृपा से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता व तेज आता है।
कुष्मांडा देवी की महिमा
सृष्टि की रचयिता: मान्यता है कि जब चारों ओर अंधकार था, तब देवी ने अपने मंद हास्य से ब्रह्मांड (अंड) को उत्पन्न किया।
सूर्यमंडल में निवास: माँ कुष्मांडा का निवास सूर्यलोक के भीतर माना जाता है। सूर्य को ऊर्जा और प्रकाश उन्हीं की शक्ति से मिलता है।
अष्टभुजाधारी: देवी की आठ भुजाएं हैं, जिनमें वे कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र, गदा और जपमाला धारण करती हैं।
रोग-शोक का नाश: उनकी उपासना से शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं, और जीवन में स्थिरता व सौभाग्य आता है।
श्री काली माता मंदिर बालाजी दरबार में चल रही कथा में सभी भक्त आनंद से भर गए
श्रीमद् देवी भागवत कथा
के मुख्य यजमान अरुण वैष्णव विशाल वैष्णव सुनीता वैष्णव एवं अनु महाराज
रामानुज शास्त्री अंकित वैष्णव दीपिका वैष्णव राजा राजपूत
गंगा राजपूत
मुकेश सिंग राजपूत
गोपाल शर्मासमस्त भक्त पारिकर
कथा के बाद प्रसादी वितरण हुई
कथा का आयोजन मध्यान्ह 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जाता है

Post a Comment