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सिंधी समाज ने झूलेलाल जयंती पर निकाली नगर भ्रमण यात्राThe Sindhi community organized a city procession on Jhulelal Jayanti.

 अनिल पेन्टर, दबंग देश

गौतमपुरा । स्थानीय सिंधी समाज द्वारा सिंधी नववर्ष एवं वरुण देव के अवतार भगवान झूलेलाल की जयंती (चेटीचंड) श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई । पूरे नगर में दिनभर धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ, वहीं सायंकाल आयोजन अपने चरम पर दिखाई दिया । कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना से हुई, जिसमें समाजजनों ने सामूहिक रूप से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की ।


         समाज के लक्की, ॐ जोधानी ने बताया कि इस पावन अवसर पर समाजजन अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर एकजुटता का परिचय देते हुए नगर के गुरुनानक मार्ग स्थित सिंधी समाज मंदिर ( गुरुद्वारा ) में एकत्रित हुए । यहां भगवान झूलेलाल के चित्र को आकर्षक रूप से सुसज्जित बग्गी में विराजित किया गया । इसके पश्चात सायं लगभग 6:30 बजे बैंड-बाजों के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ । पुष्पों से सुसज्जित बग्गी एवं पारंपरिक परिधान में सुसज्जित समाजजनों का उत्साह विशेष रूप से दृष्टिगोचर हो रहा था ।शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई अति प्राचीन भगवान श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर उकाला पहुंची । सम्पूर्ण मार्ग में “जय झूलेलाल” के उद्घोष गूंजते रहे । विभिन्न स्थानों पर प्रसादी वितरण की व्यवस्था भी की गई, जिसका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने लिया । शोभायात्रा के दौरान नगर में अनेक मंचों से पुष्प वर्षा कर स्वागत और आशीर्वाद प्राप्त किया । अचलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में समाजजनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश में एकता, अखंडता एवं समृद्धि की कामना की । इसके उपरांत पालकी यात्रा पुनः नगर भ्रमण करते हुए गुरुनानक मार्ग स्थित गुरुद्वारे पहुंची, जहां विधिवत समापन हुआ । श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया ।

        उल्लेखनीय है कि नगर में सिख एवं पंजाबी समाज का एक भी परिवार स्थानीय रूप से निवासरत नहीं है । इसके बावजूद सिंधी समाज, जिसकी संख्या लगभग दस परिवारों तक सीमित है, हर वर्ष भगवान झूलेलाल जयंती (चेटीचंड) सहित अन्य पर्वों को पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाता है । सीमित संख्या के बावजूद समाज की संगठित भागीदारी और पारंपरिक आयोजन इस उत्सव को विशेष गरिमा प्रदान करते हैं । इस अवसर पर हरीश रोचवानी, प्रेमचंद जोधानी, गिरीश रवि बालवानी, दिलीप बागजाई, अशोक गोगवानी, सुनील गोगवानी, अनिल रोचवानी, मुकेश जोधानी,हेमन्त मन्नू जोधानी,जीतू बबन मेघवानी, लाखन रोचवानी सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष एवं बच्चों ने सक्रिय सहभागिता निभाई ।

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