जयेश पटेल दबंग देश
खेतिया
नवरात्र के तीसरे दिन या चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को राजस्थान,मालवा,निमाड़ सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में गणगौर का पर्व मनाया जाता है। गणगौर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, प्रेम और परंपरा का सुंदर संगम है। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान भगवान शिव और माता माता पार्वती को समर्पित होता है। गणगौर में ‘गण’ का अर्थ शिव और ‘गौर’ का अर्थ पार्वती है। यह त्योहार विशेष रूप से महिलाओं के लिए खास माना जाता है, जो अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इसके अलावा कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की कामना में गणगौर का व्रत करती हैं।
खेतिया शहर में राजस्थानी पृष्ठभूमि के परिवारों द्वारा सुप्रसिद्ध लोक पर्व गणगौर की शुरुआत उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुई। गणगौर माता की स्थापना के साथ अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी शुरू हो गया है इसमें महिलाओं ने अपनी भागीदारी की। गणगौर पर्व के अंतर्गत नगर में आज गणगौर माता जी की स्थापना की गई गणगौर माता जी की अगवानी परंपरागत गीतों से की गई , पारंपरिक रीति रिवाज के साथ माताजी की स्थापना और लोकगीतों की मधुर धुन के साथ पूरा वातावरण भक्ति में हो गया है महिलाओं ने गणगौर माता की आराधना कर देश को परिवार की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की बच्चों से लेकर बुजुर्ग इसमें अपनी भागीदारी कर रहे हैं खेतिया शहर में गणगौर पर्व की शुरुआत हो चुकी है जहां श्रद्धालु माताजी की सेवा सत्कार ,मान मनुहार, के साथ पूजा अर्चना कर रहे हैं गणगौर पर्व को लेकर बाजारों में विशेष खरीदारी भी की जा रही।आज दोपहर निकली शोभायात्रा में रानी शर्मा,दीपा शर्मा,अपेक्षा शर्मा,लता मित्तल,प्रिया माहेश्वरी अंजली महेश्वरी, अंकिता मित्तल. आशा राठी ,लीना शर्मा, प्रगती शर्मा, यशस्वी शर्मा, रुद्राक्षी शर्मा, नेहल शर्मा ज्योत्सना शर्मा, मधु अग्रवाल, राधा अग्रवाल, कोकिला अग्रवाल, शारदा माहेश्वरी, संगीता पटेल यश्वी पटेल कृशा पटेल,सोनू भावसार, माधुरी भावसार,
सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी की।शहर में गणगौर पर्व को लेकर बहुत अधिक उत्साह है,

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