अंतिम दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़,
बच्चों ने गढ़ी पर आयोजित मेले का लुफ्त उठाया
डॉ प्रदीप बाफना दबंग देश
बड़ावदा/नगर के नजदीक प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय 'नानी बाई रो मायरा' कथा का गुरुवार को समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े, जिससे रामनगर, सेदरी, धतुरिया, नारेली एवं बड़ावदा आदि जगह से श्रद्धालुजनों ने भाग लिया।
कथा वाचक संत श्री कृष्ण दास महाराज (कान्हा भगत जी) ने नरसीग़ जी मेहता और नानी बाई
के मायरे के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे भगवान ने स्वयं प्रकट होकर 56 करोड़ रुपये का मायरा भरा था कथा के दौरान भगवान के सेठ रूप में आगमन और सूरदास संतों को नेत्र ज्योति मिलने की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। संत श्री कृष्ण दास जी महाराज (कान्हा भगत जी) ने आधुनिकता के दौर में सनातन परंपराओं, तिलक और संस्कारों को न भूलने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर दिया कि अटूट आस्था होने पर भगवान स्वयं भक्त के कार्यों को सफल बनाते हैं समापन के अवसर पर पूरा पांडाल जयकारों और भजनों से गूंज उठा।प्रतिदिन कथा के संपन्न होने के पश्चात प्रसादी का वितरण व आरती का आयोजन होता।अंतिम दिन नगर के प्रेस क्लब सदस्यों ने कथा वाचक महंत जी का स्वागत किया साथ ही अगले वर्ष भी इसी तरह आयोजन की तैयारी के लिए श्रद्धालुजनों ने अपनी अपनी श्रद्धा से राशी के योगदान की घोषणा की।


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