आदित्य यादव दबंग देश
सारनी (बैतूल): सारनी और आसपास के क्षेत्रों में रेत माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर अवैध रेत से लदे बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात दौड़ रहे हैं। यह अवैध परिवहन न केवल शासन को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहा है, बल्कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण राहगीरों की जान भी जोखिम में है। नंबर प्लेट न होने से किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पहचान करना लगभग असंभव है।
राजस्व की हानि: बिना रॉयल्टी के हो रहे इस परिवहन से शासन को लाखों रुपये का चूना लग रहा है।
सुरक्षा पर खतरा: बिना नंबर के ये तेज रफ्तार ट्रैक्टर राहगीरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। पहचान न होने के कारण दुर्घटना की स्थिति में कार्रवाई असंभव है।
प्रशासनिक चुप्पी: रिहायशी इलाकों के बीच से गुजरते इन ट्रैक्टरों पर खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
हमने चार दिन पहले ही अवैध परिवहन पर चालानी कार्रवाई की है। रेत के इस अवैध खेल पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
—मनीष पालेवार, जिला खनिज अधिकारी

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