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गुजरी का भगोरिया बना रंगों और परंपराओं का महाकुंभGujri's Bhagoria became a great Kumbh of colors and traditions.

 भगोरिया पर्व में आए विशाल जन समुदाय का क्षेत्रीय विधायक कालू सिंह ठाकुर के सुपुत्र दीपक ठाकुर, टोनी ठाकुर एवं मंडल अध्यक्ष करण काहिर, घनश्याम चौहान के द्वारा स्वागत 


 सौभाग प्रजापति दबंग देश

धामनोद/गुजरी -निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध लोक पर्व भगोरिया की रंगत आज ग्राम गुजरी में पूरे शबाब पर नजर आई। निमाड़ की सांस्कृतिक धरोहर कहे जाने वाले इस पर्व के तहत आयोजित भगोरिया हाट में हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन उमड़े और पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।

सुबह से ही ग्राम गुजरी का हाट पारंपरिक वेशभूषा और चांदी के आभूषणों से सजे युवाओं, युवतियों, बुजुर्गों और बच्चों की टोलियों से गुलजार रहा। ढोल और मांदल की थाप गूंजते ही पूरा गांव थिरक उठा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे आदिवासी भाई-बहनों ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत कर अपनी समृद्ध संस्कृति की अनुपम झलक दिखाई।


ग्रामीणों ने बताया कि भगोरिया हाट केवल खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि आपसी मेल-मिलाप, रिश्तों की मजबूती और परंपराओं को सहेजने का सशक्त माध्यम है। होली की तैयारियों के साथ भगोरिया का उल्लास पूरे क्षेत्र में स्पष्ट दिखाई दिया।

हाट में लगे खानपान के स्टॉलों पर भी भारी भीड़ रही। जलेबी, भजिया और पारंपरिक व्यंजनों का परिवार सहित लोगों ने आनंद लिया। युवाओं की टोलियां विशेष उत्साह के साथ लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेती नजर आईं।

पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पांडाल भी लगाया गया, जहां जागरूकता संबंधी जानकारी दी गई। आज थाना धामनोद के गुजरी मे पुलिस के पंडाल की थींम महिला सुरक्षा पर आधारित रही है पुलिस के पंडाल के सामने देवी अहिल्या, रानी लक्ष्मीबाई ,किरण बेदी, स्वर कोकिला लता मंगेशकर, महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर के पोस्टर लगाए गए भगोरिया में आए हुए सभी युवाओं से महिलाओं का सम्मान करने,नशा न करने,टू व्हीलर ड्राइव करते हुए हेलमेट लगाने और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई

 साथी सभी युवाओं से इस बाबत शपथ ग्रहण कराई गई सभी लोगों को साइबर सुरक्षा यातायात नियमों का पालन करने नशा मुक्ति के पोस्टर बांटे गए हाट में शांति और सुव्यवस्था बनी रही। 

ग्राम गुजरी में आयोजित यह भगोरिया हाट आदिवासी संस्कृति, परंपरा और उत्साह का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने एक बार फिर निमाड़ की लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया।

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