बसों के सुरक्षित परिचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
यात्रियों व नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हएु, नियमों व दिशा-निर्देशो का पालन करते हुए बसों का संचालन किया जाए
दबंग देश
इंदौर - यात्रियों एवं नागरिकों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, शहर में इंटर सिटी/ स्लीपर बसों के सुरक्षित संचालन हेतु पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में, इन्दौर शहर से संचालित विभिन्न बसों के संचालको/प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन आज दिनांक 27.02.26 को पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सभागार में किया गया।
उक्त बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) नगरीय इंदौर श्री आर. के. सिंह की विशेष उपस्थिति में पुलिस उपायुक्त (प्रभारी यातायात) इंदौर श्री राजेश कुमार त्रिपाठी सहित यातायात प्रबंधन पुलिस के सभी अति. पुलिस उपायुक्तगण, सहायक पुलिस आयुक्तगण, एआरटीओ श्री राकेश गुप्ता एवं शहर के विभिन्न बसों के प्रशासकगण एवं बसों के ट्रांसपोर्ट अधिकारीगण उपस्थित रहें।
बैठक में यात्रियों एंव नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, रोड़ पर बसों के सुरक्षित संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
एडिशनल कमिश्नर श्री आर. के. सिंह ने सभी बस प्रशासकों और ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को
संबोधित करते हुए कहा कि, यात्रियों व नागरिकों की सुरक्षा तथा सुरक्षित यातायात हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता व जिम्मेदारी है, इसके लिये माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा बस प्रबंधन/बस चालकों एवं संचालकों के लिये जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें व सुरक्षित रूप से बसों का परिचालन करें। उन्होंनें सभी को किसी भी प्रकार की घटना/दुर्घटना के बचाव हेतु निर्देश दिए कि-
● ऑनलाइन टिकट बुकिंग एप पर निर्धारित स्टॉपेज ही दर्शाएंगे। यार्ड में ही बस खड़ी कर सवारी बैठाएंगे, सड़क पर बस खड़ी कर यातायात बाधित नहीं करेंगे।
● सभी बसों मे नियमों के अनुसार जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। तथा उनका एक कंट्रोल रुम बनाकर मॉनिटरिंग की जावे।
● बसों में किसी भी आपात स्थिति के समय आवश्यक उपकरण जैसे- अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स व अन्य जरूरी सामान आवश्यक रूप से हो।
● बसों में एक इमरजेंसी गेट जरूर हो इसका भी ध्यान रखा जावें।
● बसों के फिटनेस व निर्धारित मानकों की मॉनिटरिंग की जावें, किसी भी स्थिति में खराब वाहनों का संचालन न किया जावें।
● ड्राइवरों के पास वैध और भारी वाहन चलाने के लिए उपयुक्त लाइसेंस हो, जिसकी वैधता की जांच भी की जावें।
● ड्राइवरों की शारीरिक स्थिति (आंखो की जांच आदि) की भी समय-समय पर जांच हो, व उन्हें प्रशिक्षित भी किया जावें।
● चालक व परिचालक अपराधिक पृष्ठभूमि के तो नहीं है इसके लिय पुलिस वेरिफिकेशन भी करवाया जाएं तथा वो नशा करके वाहन तो नहीं चलाते इसकी भी निगरानी की जावें। उन्होंने सभी संबंधितों से उक्त निर्देशों का जिम्मेदारी पूर्वक पालन कर, सहयोग करने के की अपेक्षा की।
उक्त बैठक के दौरान बसों के सुरक्षित परिचालन हेतु बस के चालक व परिचालकों के लिये कुछ सामान्य निर्देश भी दिए।यातायात पुलिस व आरटीओ द्वारा अभियान चलाकर बसों के सुरक्षित परिचालन के संबंध में जागरूकता व कार्यवाही की जावेगी। अतः सभी से अनुरोध है कि वे सुरक्षित यातायात हेतु नियमों व निर्देशों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले या सुरक्षा मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के विरूद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी।
उपस्थित बसों के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों व प्रशासकों ने भी अपनी बात रखी तथा उक्त निर्देशों के पालन में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन भी दिया गया।


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