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योजना का सहारा बना सफलता का आधार, पशु आहार निर्माण से किसान गोविंद पाटीदार ने बढ़ाई आयSupport from the scheme became the foundation of success, farmer Govind Patidar increased his income by producing animal feed.

 प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना में सरकार ने किया 200 करोड़ का बजट प्रावधान

सुनिल चन्द्रवंशी दबंग देश

मंदसौर /  किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना का लाभ लेकर मंदसौर जिले के ग्राम गुड़भेली निवासी प्रगतिशील कृषक श्री गोविंद पाटीदार ने पशु आहार निर्माण इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।


श्री गोविंद पाटीदार एक मेहनती एवं नवाचार अपनाने वाले किसान हैं। खेती के साथ पशुपालन से जुड़े होने के कारण उन्हें यह अनुभव हुआ कि पशुओं के लिए शुद्ध एवं संतुलित आहार आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता था। अधिकांश पशु आहार पंजाब एवं अन्य राज्यों से मंगवाना पड़ता था, जिससे किसानों को अधिक खर्च करना पड़ता था। इसी समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने स्वयं पशु आहार निर्माण इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया।

उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत आवेदन किया। योजना के तहत उन्हें दिसंबर 2025 में बैंक ऑफ इंडिया, पिपलिया मंडी शाखा से 29 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसमें 10 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली। योजना से मिली सहायता से उन्होंने "गुड़ग्राम पशु आहार" ब्रांड के नाम से पशु आहार निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।श्री पाटीदार ने अपनी इकाई में लगभग 28 लाख रुपये लागत की आधुनिक पेलेट मशीन स्थापित की, जिसे पंजाब से मंगवाया गया। इस मशीन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 100 कट्टे (प्रत्येक 50 किलोग्राम) पशु आहार तैयार किया जाता है। यह पशु आहार लगभग 1300 रुपये प्रति कट्टा की दर से किसानों एवं गौशालाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।पशु आहार निर्माण में मक्का, बाजरा, चना, सोयाबीन, उड़द की चूरी तथा राइस पॉलिश जैसे पौष्टिक तत्वों का उपयोग किया जाता है, जिससे पशुओं को संतुलित पोषण मिलता है। इस आहार के उपयोग से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है, दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा दूध के फैट में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

श्री गोविंद पाटीदार की इस इकाई से 7 लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है। पहले पशु आहार बाहर से मंगवाना पड़ता था, लेकिन अब किसानों को गांव के पास ही गुणवत्तापूर्ण पशु आहार आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

श्री गोविंद पाटीदार बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से उन्हें आर्थिक सहयोग और आत्मविश्वास दोनों मिला। आज उनका उद्यम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और आसपास के किसान भी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत श्री गोविंद पाटीदार की यह सफलता कहानी जिले के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। यह उदाहरण बताता है कि यदि किसान योजनाओं का लाभ लेकर कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें तो वे अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य लोगों को रोजगार भी दे सकते हैं।

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