संत सच्चिदानंद महाराज का तीखा बयान—“हिन्दू संगठित नहीं हुए तो कोई नहीं बचा पाएगा”
कलश यात्रा, हनुमान चालीसा और दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का भव्य शुभारंभ ।
वासुदेव पाटीदार बोले—जात-पात से ऊपर उठकर संगठन ही हर समस्या का समाधान ।
मलखंभ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और अमृत भोज के साथ ऐतिहासिक आयोजन संपन्न ।
गौतमपुरा में भव्य हिन्दू सम्मेलन, संत सच्चिदानंद महाराज का तीखा संदेश—“हिन्दू संगठित नहीं हुए तो कोई नहीं बचा पाएगा” ।
दबंग देश - गौतमपुरा
गौतमपुरा । “जब तक तुम्हारा घर केरल, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति में नहीं आ जाता, तब तक अपने घरों में सोते रहो। अगर हिन्दू संगठित नहीं होते तो तुम्हें कोई नहीं बचा पाएगा । और अगर कोई तुम्हें बचा पाएगा, तो वह तभी संभव है जब तुम संगठित रहोगे ।” उन्होंने समाज से आह्वान किया कि अभी संगठित होना ही एकमात्र विकल्प है । अगर आज समाज एकजुट नहीं हुआ, तो कल परिस्थितियां हमारे हाथ से निकल सकती हैं । उनके उद्बोधन में आत्मरक्षा, संगठन, जागरूकता और सामाजिक एकता का स्पष्ट संदेश झलकता रहा । यह ओजस्वी और चेतावनी भरा वक्तव्य मुख्य अतिथि संत सच्चिदानंद महाराज परमहंस ने भरे मंच से दिया । उनके शब्दों ने उपस्थित जनसमूह को झकझोर कर रख दिया । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सकल हिन्दू समाज रुणजी–गौतमपुरा द्वारा रविवार को शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ( बड़ा स्कूल ) परिसर में भव्य हिन्दू महासम्मेलन का आयोजन किया गया । सम्मेलन में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में नागरिक, मातृशक्ति, युवा एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए । दिनभर चले इस आयोजन ने गौतमपुरा को हिन्दू एकता, संगठन और सांस्कृतिक चेतना के संदेश से सराबोर कर दिया ।
कलश यात्रा से हुआ भव्य शुभारंभ
सोनू नागदा ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकाली गई। पं. कैलाशचंद्र शर्मा के ने जमना भावसार, मंजू राठौड, अन्नपूर्णा कुशवाह, लता चौहान, नगर भाजपा अध्यक्ष प्रमोद सक्सेना, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि गगन बाहेती, पार्षद प्रतिनिधि विनोद गुर्जर, अभय अब्बू भाटी, गोपाल राठौड, अजय भावसार, पवन चौधरी से विधिविधान से कलश पूजन कराया गया । नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर नागरिकों ने यात्रा का स्वागत किया । हनुमान चालीसा, दीप प्रज्वलन और अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम स्थल पर हनुमान चालीसा पाठ के साथ सम्मेलन की शुरुआत हुई । इसके बाद भारत माता की पूजा-अर्चना कर दीप प्रज्वलन किया गया । मुख्य अतिथि सच्चिदानंद महाराज परमहंस का स्वागत हिन्दू सम्मेलन के संयोजक मनोहरलाल सोलंकी एवं कैलाश गौसर ने किया । संत किशनदास त्यागी का स्वागत कमलेश कसेरा व रवि बंगलावाले द्वारा किया गया । कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता संघ के विभाग प्रचारक वासुदेव पाटीदार का स्वागत जितेंद्र जोशी व डॉ.कैलाश ददरवाल ने किया । दुर्गा वाहिनी की शशि तलाज का स्वागत कृष्णा नायक एवं पूनम चौहान ने किया । सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां स्कूली छात्र-छात्राओं ने ऑपरेशन सिंदूर, योग का महत्व, कर्मा नाटक तथा “मैं रहूं न रहूं, भारत रहना चाहिए” जैसे देशभक्ति से ओतप्रोत मंचन प्रस्तुत किए, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया । जय बजरंग व्यायाम शाला द्वारा मलखंभ की दमदार प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही ।
वक्ताओं का संदेश—संगठन ही समाधान
वक्ता शशि तलाज ने कुटुम्ब प्रबोधन पर जोर देते हुए कहा कि टूटते परिवार समाज को कमजोर कर रहे हैं, मजबूत परिवार ही संगठित समाज की नींव हैं । प्रमुख वक्ता वासुदेव पाटीदार ने कहा कि जात-पात से ऊपर उठकर हिन्दू समाज को संगठित होना होगा, क्योंकि सभी समस्याओं का समाधान संगठन में ही निहित है । आरती, वितरण और अमृत भोज के साथ समापन कार्यक्रम का संचालन पंकज प्रजापत ने किया तथा अतिथियों का परिचय आदित्य चौधरी ने दिया । समापन अवसर पर भारत माता की आरती की गई, हनुमान चालीसा एवं रुद्राक्ष का वितरण किया गया । अंत में सकल हिन्दू समाज द्वारा एक जाजम पर अमृत भोज आयोजित कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया ।इस विशाल महासम्मेलन आयोजन की व्यवस्थाओं, समन्वय और सफल संचालन में राहुल बैरागी, गोल्डी राठी, सचिन शर्मा, शैलेंद्र बागड़ी, दीपक बैरागी, गौरव यादव, अजय पाटीदार, सतीश पाटीदार, भंवरलाल गावड़, आदित्य प्रजापत, लालचंद्र कुमावत, सुदर्शन पाटीदार एवं सोनू नागदा का सक्रिय सहयोग रहा । इनके साथ सकल हिन्दू समाज के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभाला ।
इस सम्मेलन की पूर्व संध्या पर सुंदरकांड और विशाल वाहन रैली
दीपक नागर व अवधेश शर्मा ने बताया कि सम्मेलन की पूर्व संध्या पर शनिवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ । रात 8 बजे बड़े स्कूल से विशाल वाहन रैली निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई चंबल नाका स्थित त्रिवेणी महादेव मंदिर पहुँची, जहां नगर परिषद उपाध्यक्ष द्वारा महाआरती के पश्चात महाप्रसादी का वितरण किया गया । गौतमपुरा का यह विशाल हिन्दू सम्मेलन केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज को समय रहते जागरूक कर संगठित होने का स्पष्ट आह्वान बनकर सामने आया, जिसमें संत सच्चिदानंद जी महाराज का संदेश पूरे कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहा ।


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