भक्तों में हनुमान प्रकट उत्सव को लेकर देखा जाता है उत्साह
दीपक शर्मा
देपालपुर। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन हनुमान जी के जन्म उत्सव को प्रकट उत्सव के रूप में मनाए जाने की परंपरा है ऐसा प्राचीन काल से माना जाता है कि हनुमान जी को अमरता का वरदान प्राप्त है इसलिए हनुमान जी के जन्मोत्सव को जयंती ना कहते हुए प्रकट उत्सव के रूप में मनाई जाती है । प्राचीन मल्हार बाग स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर पर हनुमान प्रकट उत्सव के उपलक्ष में अनेक तैयारियां कर खेड़ापति हनुमान जी का श्रृंगार किया गया , मंदिर के पुजारी पंडित अशोक गोरधनदास महंत ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:00 बजे हनुमान जी का रूद्र पाठ कर दुग्ध अभिषेक किया इसके बाद में बाबा का चोला अर्पित करने के साथ ही प्रातः 6 .18 बजे सूर्योदय के साथ ही बाबा हनुमान जी के जन्म उत्सव की आरती की की गई इसके पश्चात परंपरागत प्रसाद का वितरण किया गया एवं शाम के समय सार्वजनिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया जिसमें नगर के भक्तगण एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
देपालपुर नगर में प्राचीन रुक्मणी कुंड स्थित हनुमान मंदिर ,बस स्टैंड स्थित बालाजी हनुमान मंदिर ,बाजार चौक स्थित रामेष्ठ हनुमान मंदिर भरावा सरी स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर ,सहित नगर में स्थित सभी मंदिरों में भगवान हनुमान जी को चोला चढ़ाकर आकर्षक श्रृंगार किया गया हनुमान जन्म उत्सव के चलते नगर में कई जगह प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया जिनमें नगर की सभी धर्म प्रेमी जनता द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया । खासकर युवाओं में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर काफी उत्साह देखा गया।

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