नाहरू मोहम्मद दबंग देश जावरा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, रतलाम ने एक गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डॉ. पूजा देवड़ा एवं पाटीदार अस्पताल, जावरा पर 10 लाख रुपए का हरजाना लगाने का आदेश दिया है। साथ ही, इस राशि पर परिवाद दायर करने की तारीख से भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता मनीष त्रिवेदी ने बताया कि ग्राम पंचेवा, तहसील पिपलोदा निवासी यशोदाबाई उम्र 35 वर्ष इलाज के लिए पाटीदार अस्पताल गई थीं। जहां डॉक्टरों ने उनके पेट में गांठ बताकर उसे कैंसर बताया और जल्द ऑपरेशन की सलाह दी।
आरोप है कि 16 नवंबर 2022 को जांच के बिना ही ऑपरेशन की बात कही गई और 19 नवंबर 2022 को ऑपरेशन कर गांठ निकाल दी गई। मरीज को 23 नवंबर को छुट्टी दे दी गई, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। बाद में अस्पताल द्वारा यह बताया गया कि मरीज की बच्चेदानी निकाल दी गई है, जिससे पीडिता को बड़ा झटका लगा। आरोप है कि यह प्रक्रिया बिना उसकी सहमति के की गई, जो गंभीर लापरवाही और अधिकारों का उल्लंघन है।
बगैर सहमति के महिला की बच्चादानी निकालने के आक्रोशित पीडिता ने पुलिस व कलेक्टर रतलाम को शिकायत की थी, तो कलेक्टर ने सीएमएचओ को जांच के आदेश दिए। जिस पर सीएमएचओ ने दल गठित कर जांच करवाई। जांच में पाया कि महिला को बच्चेदानी का ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होना बताया गया। जांचदल की रिर्पोट के आधार पर कलेक्टर द्वारा 50 हजार रुपए का जुर्माना डॉक्टर व अस्पताल पर लगाया गया था। मामले की शिकायत मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल, भोपाल को भी की गई थी।
जिसमें डॉक्टर पूजा देवड़ा को दोषी पाते हुए तीन माह का पंजीयन निरस्त किया गया था।
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