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मानवता की जीत: बारात छोड़ घायल साध्वीजी की सेवा में जुटीं श्राविका A triumph of humanity: A laywoman leaves the wedding procession to attend to an injured nun.

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा जैन धर्म की सेवा, करुणा और त्याग की भावना को दर्शाने वाली एक अत्यंत प्रेरणादायी घटना को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। यह घटना रतलाम जिले के जावरा क्षेत्र की है, जहाँ एक सड़क दुर्घटना में घायल जैन साध्वीजी की सेवा हेतु एक श्राविका ने अपनी ही शादी की बारात को रोककर मानवता और धर्म का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 5 दिसंबर 2025 को दानपुर से रतलाम की ओर जा रही एक बारात धामनोद टोल नाके के समीप पहुँची, तभी अचानक एक वाहन की टक्कर से पूज्य गणिनी श्री महाश्रमण सागर जी महाराज साहेब (गच्छाधिपति, चातुर्मास) की शिष्या साध्वीजी दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। इस दुर्घटना में साध्वीजी के पैर में गंभीर चोट आई।

उसी मार्ग से गुजर रही बारात में शामिल श्राविका काजल मनीष जैन ने बिना किसी विलंब के बारात को रुकवाया और अपने वैवाहिक कार्यक्रम को स्थगित करते हुए तुरंत घायल साध्वीजी की सेवा में लग गईं। उन्होंने अन्य श्रद्धालुओं के सहयोग से प्राथमिक उपचार कराया तथा साध्वीजी को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया।

उपचार के दौरान श्राविका काजल मनीष जैन लगातार साध्वीजी के साथ रहीं और उनकी सेवा-संभाल में कोई कमी नहीं आने दी। उनका यह कार्य जैन धर्म के सिद्धांतों के साथ-साथ मानव अधिकारों और मानवीय मूल्यों की भी सशक्त मिसाल है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव का संदेश

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव जी ने इस घटना पर कहा

> “श्राविका काजल मनीष जैन द्वारा अपनी व्यक्तिगत खुशियों से ऊपर उठकर साध्वीजी की सेवा करना न केवल जैन धर्म की महान परंपरा को दर्शाता है, बल्कि यह मानव अधिकारों की मूल भावना—मानवता, करुणा और सेवा—का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट इस पुण्य कार्य को नमन करता है और समाज से ऐसी ही संवेदनशीलता अपनाने की अपील करता है।”

राष्ट्रीय पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी ने कहा—

> “आज के समय में जब स्वार्थ सर्वोपरि होता जा रहा है, ऐसे में यह घटना समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सिद्ध करती है कि सच्चा धर्म वही है जो संकट में मानव सेवा का मार्ग दिखाए।”

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा यादव ने अपने संदेश में कहा—

> “श्राविका काजल मनीष जैन का यह त्याग भावी पीढ़ी के लिए आदर्श है। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ऐसे कार्यों को सदैव सम्मान और समर्थन देता रहेगा।”

संगठन के मनीष गुप्ता, समरथपुरी गोस्वामी, जीवनलाल जैन चायवाले, सोना जैन, शोम्पा चटर्जी, अनीता दुबे, युवराज सिंह राठौर, गोकुल सोलंकी, संतोष सिंह पंवार प्रेमकुमार वैध की अपील

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज के सभी वर्गों से अपील करता है कि वे धर्म, मानवता और अधिकारों के प्रति सजग रहते हुए जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएँ। यही सच्ची मानव सेवा है और यही राष्ट्र निर्माण का आधार भी है।

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