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दशामाता की स्थापना के साथ शुरू हुआ दस दिवसीय उत्सव, मुख्य मंदिर गुजरात के मीनावाड़ा में स्थित The ten-day festival begins with the installation of Dashamata, the main temple is located in Meenawada, Gujarat.

जयेश पटेल दबंग देश 

खेतिया। सावन अमावस्या तिथि के अवसर पर प्रतिवर्ष क्षेत्र में दस दिवसीय दशामाता स्थापना उत्सव बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी शहर में 100 से अधिक स्थानों पर दशा माता की स्थापना की गई है।



आज सुबह ही शहर के बस स्टैंड समीप गायत्री मंदिर, पानसेमल रोड स्थित गायत्री मंदिर से नगर के विभिन्न हिस्सों में पूर्ण सम्मान के साथ ढोल-ढमाकों के साथ जुलूस निकालते हुए माँ की अगवानी की गई। महिलाएं दस दिनों तक उपवास रखकर दशा माता की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुख-शांति, खुशहाली और सभी के आरोग्य की कामना करेंगी।

धार्मिक आयोजन  

शहर में धार्मिक आयोजनों को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। 15 अगस्त को खानदेश की कुलदेवी कानबाई माता का उत्सव भी होगा।

 हिंदू धर्म में दशा माता का मुख्य स्वरूप दशामाता की पूजा और व्रत करने से घर-परिवार की दशा-दिशा उत्तम रहती है। दशा माता की पूजा का विशेष महत्व है। दस दिन बाद माता की पूजा-आरती के बाद मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।

विशेष जानकारी  

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशामाता का मुख्य मंदिर गुजरात राज्य के मीनावाड़ा में स्थित है। देशभर के भक्त इस पवित्र स्थान पर दर्शन के लिए जाते हैं।

देश के विभिन्न क्षेत्रों में दशामाता पर्व धूमधाम से मनाया जाता है और इस अवसर पर माताजी से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

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