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सौभाग प्रजापति दबंग देश
धामनोद/ क्षेत्र के ग्राम बिखरोंन में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब भारतीय सेना से 25 वर्ष सेवानिवृत्त होकर गांव लौटे वीर सपूत जितेन्द्र (वर्मा) का ग्रामवासियों ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। 25 वर्षों तक देश की सीमाओं पर रहकर मातृभूमि की रक्षा करने वाले इस सैनिक ने अपनी पूरी सेवा राष्ट्र को समर्पित की। सेवा पूर्ण कर जब वे अपने पैतृक गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता था।
गांव के मुख्य मार्गों पर स्वागत की विशेष तैयारियां की गई थीं। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन पर युवाओं ने तिरंगा लहराते हुए जोरदार नारे लगाए। पूरे गांव में एक शानदार जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हुईं। रास्ते भर फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया गया और पुष्प वर्षा कर उन्हें सम्मानित किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि जितेन्द्र वर्मा ने गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति युवाओं के लिए प्रेरणा है। इस अवसर पर गांव के वरिष्ठजनों ने शॉल और श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया। वातावरण देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।
यह आयोजन केवल स्वागत समारोह नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण और सम्मान की एक मिसाल बन गया। बिखरोंन गांव ने अपने वीर सपूत का जिस आत्मीयता और गर्व के साथ स्वागत किया, यह कारवा मुख्य मार्ग से होकर गांव में होते हुए पटेल धर्मशाला में सम्मान समारोह रखा गया था जिसमें मुख्य अतिथि धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे के साथ गांव के वरिष्ठ लोगों का सम्मान भी किया गया इसके उपरांत भोजन की व्यवस्था भी रखी गई थी वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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