अध्यक्ष व ट्रष्ट सवालों के घेरे में, नुकसान की भरपाई और इस्तीफे की मांग”
दीपक शर्मा
इंदौर। धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन इस बार सिंहस्थ की तैयारियों के साथ-साथ एक बड़े विवाद की वजह से सुर्खियों में है। धर्मशाला पर चला बुलडोज़र समाज में आक्रोश का कारण बन गया है। 7 एकड़ जमीन पर 60 करोड़ की लागत से बना यह प्रोजेक्ट अब मलबे में बदल चुका है। इंदौर में गुरुवार को हुई प्रेसवार्ता में क्षत्रिय कलोता समाज के लोगों ने ट्रस्ट अध्यक्ष पदम सिंह पटेल और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि समाज को भरोसे में लेकर प्रोजेक्ट शुरू किया गया, लेकिन कानूनी स्थिति छुपाई गई। समाजजनों का आरोप है कि समाज के पैसों से बनाई गई धर्मशाला पर बुलडोज़र चलाकर समाज का पैसा पानी में बहा दिया गया। नगर निगम का कहना है कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में साधु-संतों के डेरों, अस्थायी टेंट और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए पर्याप्त खुली भूमि जरूरी है। इसी कारण 2016 के बाद बने स्थायी निर्माणों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय कलोता समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद दरबार ने भी श्री राधा कृष्ण ट्रस्ट मंदिर के अध्यक्ष पदम सिंह पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ट्रस्ट और अध्यक्ष सवालों के घेरे में हैं। समाज का कहना है कि जिस भरोसे पर यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, वही अब टूट गया है।
समाजजनों की मांग है कि जो आर्थिक नुकसान हुआ है उसकी भरपाई अध्यक्ष व ट्रस्टी करे और अध्यक्ष व ट्रस्टीगण अपने पदों से इस्तीफा दें।

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