- एक रात का मोगली
- लगभग 26 माह का बालक रात भर घने और जंगली जानवरों से भरे जंगल अकेला रहा
- लगभग 18 घण्टे बाद मिला
- घने जंगल मे पेड़ के नीचे सुबह बैठा मिला
रवि चौरसिया
विदिशा जिले के ग्यारसपुर में हिम्मतपुर पोतला गॉव का यादव परिवार अपने परिवार के 40 सदस्यों के साथ गॉव से लगभग 2किलोमीटर दूर घने जंगलों में स्थित सिध्द बाबा के चबूतरे पर पूजा के लिए गये थे । पूजा पाठ करने के बाद दोपहर में सब भोजन कर रहे थे पास ही बच्चे खेल रहे थे । थोड़ी देर बाद किसी का ध्यान 26 महीने के निर्देश पर गया लेकिन वो दिखा नही एक दूसरे से पूछा किसी के पास नही था । फिर वक दम हड़कम्प मच गया क्योंकि घने जंगल मे कई हिंसक जानवर थे और ऊबड़खाबड़ रास्ते मे बड़े बड़े गड्ढे तरह तरह के बुरे ख्याल आने लगे । इसी बीच आसपास के ग्रामीण भी परिवार के साथ निर्देश को ढूंढने में जुट गए। इसी बीच किसी ने ग्यारसपुर पुलिस को खबर कर दी तो पोलिसभी निर्देश की तलाश में जंगल की खाक छानती रही ।रात हो गई निर्देश नही मिला इस बीच कई लोग सोने चले गए पुलिस भी रात को 2 बजे चली गई । बच्चे के लिए परिजन पूजा पाठ मन्नत सब करते रहे । बच्चे के पिता ने बताया कि सुबह किसी परिजन ने पास के किसी जानकार को फोन लगाया तो उन्होंने बताया कि
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जहां हो वहां से पश्चिम की और सीधे चले जाओ एक पेड़ के नीचे बालक मिल जायेगा । जब बो लोग ग्रामीणों, पुलिस और डायल 100 के साथ वहां पहुंचे तो पता चला कि बच्चा वहां मिल गया । बच्चा अभी ठीक से बोल नही पाता लेकिन बच्चे के पिता का कहना है कि जब हमने निर्देश से पूछा तो उसने बताया कि रात में क्या किया तो उसने बताया कि रात में उसने गाय का दूध पिया और लड्डू खाया ।
ग्रामीण और परिजन इसे चमत्कार से कम नही मान रहे है

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