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अलवर के अपराधी युवती की फर्जी फेसबुक प्रोफ़ाइल बनाकर पहले दोस्ती व व्हाट्सएप नम्बर प्राप्त कर करते थे ब्लैकमेल धराये The criminals of Alwar used to blackmail the girl by creating a fake Facebook profile and getting her friendship and WhatsApp number.

अलवर के अपराधी युवती की फर्जी फेसबुक प्रोफ़ाइल बनाकर पहले दोस्ती व व्हाट्सएप नम्बर प्राप्त कर करते थे ब्लैकमेल धराये

            गजेन्द्र माहेश्वरी

मंदसौर :- मंदसौर पुलिस की सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती करने एंव ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के विरूद्ध बडी कार्यवाही।

 मेवात के सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को अलवर/भरतपुर राजस्थान से किया गिरफ्तार। राजस्थान हरियाणा के सीमावर्ती भिवाडी से संचालित किया जा रहा था सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने का घिनौना कृत्य। 

मंदसौर :- मंदसौर पुलिस की सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती करने एंव ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के विरूद्ध बडी कार्यवाही।   मेवात के सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को अलवर/भरतपुर राजस्थान से किया गिरफ्तार। राजस्थान हरियाणा के सीमावर्ती भिवाडी से संचालित किया जा रहा था सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने का घिनौना कृत्य।


सायबर फ्राड में महारत हरियाणा जिले के मेवात गिरोह के दो सदस्य पुलिस की गिरफ्त में 

मजदूर वर्ग के व्यक्तियों के कागजात लेकर फर्जी तरीके से बैंक खाता खुलवा कर 15 से 25 हज़ार रुपये लेकर मेवात गिरोह के मुख्य सरगना को उपलब्ध करवाना था मुख्य व्यवसाय ।

फर्जी मोबाइल सीम व फर्जी बैंक खातों से संचालित किया जा रहा था ब्लैकमेल कर अवैध वसूली का घिनोना गोरखधंधा ।

फेसबुक पर युवती के नाम से प्रोफाइल बनाकर करते हैं दोस्ती, व्हाट्सएप नंबर प्राप्त कर वीडियो कॉल करते ही शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का खेल।

 कुख्यात मेवात गैंग असम एवं पश्चिम बंगाल क्षेत्र से फर्जी मोबाइल सीम  प्राप्त कर राजस्थान व हरियाणा राज्य से संचालित कर देते हैं वारदातों को अंजाम।

 वर्तमान परिवेश में संपूर्ण भारत देश में साइबर अपराधों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। 

समय व स्थिति के अनुसार साइबर अपराधी भी अपने अपराध का तरीका बदल बदल कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसी तारतम्य में एक प्रकार का साइबर अपराध मन्दसौर निवासी एक व्यवसाय के साथ घटित होकर आरोपियों द्वारा पीड़ित को ब्लैकमैल कर दो लाख रुपए हड़प लिए गए ।उक्त मामला मन्दसौर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के संज्ञान में आने पर मामले को गंभीरता से लेकर थाना शहर कोतवाली पर तत्काल अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 454 / 21 धारा 420,384, 389 भादवि 67,67 ए आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। सिद्धार्थ चौधरी पुलिस अधीक्षक मंदसौर के द्वारा अपराध की पतारसी व आरोपियों की धरपकड़ हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा एवं परमाल सिंह मेहरा नगर पुलिस अधीक्षक मंदसौर के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस दल अमित सोनी थाना प्रभारी कोतवाली के नेतृत्व में गठित कर विशेष मार्गदर्शन देकर त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस दल द्वारा प्रकरण के प्रत्येक बिंदु पर गहन विश्लेषण किया गया। गठित टीम के द्वारा फरियादी से गहन पूछताछ कर घटना के बारे में सभी आवश्यक जानकारी लेकर विवेचना प्रारंभ की गई।

 विवेचना के दौरान घटना में समस्त भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाते हुए सघन रूप से गहन अध्ययन कर प्रत्येक पहलू पर अपनी कार्यकुशलता व्यवसायिक दक्षता एवं हरसंभव प्रयास के फलस्वरूप राजस्थान राज्य के अलवर /भरतपुर जिले की ओर रवाना होकर गठित दल द्वारा अनुसंधान कर अपराध में संलिप्त 2 संदेही व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। मौके पर पूछताछ उपरांत उनके द्वारा अपराध में संलिप्त होकर उनकी भूमिका होना स्वीकार किया।

 उक्त कृत्य मेवात गिरोह का सरगना संचालित कर पीड़ितों से राशि प्राप्त करने हेतु फर्जी बैंक खातों को उपलब्ध कराने का कार्य उपरोक्त दोनों गिरफ्तार शुदा आरोपियों के द्वारा किया जाता था। दोनों गिरफ्तार शुदा आरोपीगण मजदूरों का बैंक खाता फर्जी तरीके से खुलवा कर खाते की किट मजदूरों को ना देते हुए मेवात गैंग को मोटी रकम देकर उपलब्ध करवाते थे। प्रकरण में अपराध की विवेचना जारी है। आरोपियों से पूछताछ कर अपराध में शामिल अन्य सदस्यों एवं गिरोह के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। जिनकी भी गिरफ्तारी हेतु पुलिस प्रयासरत है। 

मेवात गिरोह का तरीका वारदात:-

 उक्त गेंग हरियाणा जिले के विख्यात मेवात जिले से संबंधित होकर मुख्य सरगना युवती के नाम से फेसबुक के माध्यम से चिन्हित व्यक्तियों से दोस्ती कर व्हाट्सएप पर वीडियो कॉलिंग कर ब्लैकमेल कर राशि वसूलते हैं। उक्त कार्य के लिए फर्जी बैंक अकाउंट और मोबाइल सीम का उपयोग करते हैं। आरोपीगण घटना में प्रयुक्त मोबाइल सीम असम एवं पश्चिम बंगाल क्षेत्र से प्राप्त करते हैं। तथा राशि का आहरण हेतु फर्जी रूप से बैंक खातों को उपरोक्त दोनों गिरफ्तार शुदा व्यक्तियों के द्वारा उपलब्ध कराया जाता था। इस कार्य के लिए औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरी वर्ग के व्यक्तियों को बहला कर उनके नाम व आईडी पर बैंक खातों को फर्जी तरीके से खुलवा कर गिरोह के मुख्य सरगना को उपलब्ध कराते हुए 10 से 25 हज़ार रु. की राशि लेते थे ।

जप्तशुदा मश्रुका :-

 3 मोबाइल,6फर्जी सिम एक फर्जी बैंक खाता कीट एवं लगभग 200 मजदूरों के आईडी कार्ड एवं बैंक खाते की जानकारी 

गिरफ्तार शुदा आरोपी का नाम

1. कुशल पाल उर्फ अजय राधे पिता राम मोहन प्रजापत उम्र 30 साल निवासी ग्राम जरार जिला आगरा उत्तर प्रदेश हाल मुकाम भिवाड़ी जिला अलवर राजस्थान 

2. अनिल कुमार पिता राजकुमार सेन उम्र 31 साल ग्राम पिनहाट जिला आगरा उत्तर प्रदेश हाल मुकाम भिवाड़ी जिला अलवर राजस्थान पुलिस टीम :-

 निरीक्षक अमित सोनी थाना प्रभारी शहर कोतवाली, उपनिरीक्षक रितेश नागर, उप निरीक्षक विनय बुंदेला, उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह चौहान, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक राकेश सिंह सोलंकी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक शैलेंद्रसिह हाडा,  कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अजीत सिंह,आरक्षक 173 हरीश यादव, आरक्षक दिनेश प्रजापत, महिला आरक्षक 934 प्रियंका एवं अन्य विशेष दल की टीम सहायक उपनिरीक्षक(अ) आशीष शर्मा प्रधान आरक्षक कार्यवाहक  अशीष वैरागी, आरक्षक 467 मनीष बघेल, आरक्षक 121 अर्जुन सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

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