नीमच के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान 2035 में आमूलचूल परिवर्तन जरूरी" महेश पाटीदार
* समन्वय और क्रियान्वयन के अभाव में नीमच विकास योजना 2031 पर अमल ही नहीं हो सका
* संस्थाओं में समन्वय तथा जनप्रतिनिधि की रुचि के अभाव में पूर्व में मास्टर प्लान का लक्ष्य प्राप्त हुआ
* जनता और जनप्रतिनिधियों से आपत्ति और सुझाव के लिए अपील
गजेन्द्र माहेश्वरी
नीमच :- नीमच के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान 2035 में आमूलचूल परिवर्तन जरूरी है। या बात जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री महेश पाटीदार ने कहीं। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि निवेश क्षेत्र के लिए विकास योजना का प्रारूप में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में 10 मार्च 2021 की प्रथक प्रथक 19 सुझाव दिए गए हैं।
1 बंगला बगीची के समान खेतों को भी शामिल किया जाए नीमच विकास योजना में नगर पालिका के बंगला और बगीचा क्षेत्र को जोड़ा गया है लेकिन क्षेत्र में नगर पालिका के 54 खेत है की भूमि के संबंध में विकास योजना में कोई प्रस्ताव नहीं है इस कारण नगर पालिका के सभी 54 खेतों को भी विकास योजना में जोड़ा जाए।
2.पीजी कॉलेज की और शैक्षणिक क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र का प्रस्ताव अनुचित शासकीय महाविद्यालय पीजी कॉलेज का क्षेत्र है इसके आसपास छात्रावास बने हुए हैं गर्ल्स स्कूल है ऐसे स्थान के आसपास औद्योगिक क्षेत्र नही होना चाहिए। औद्योगिक क्षेत्र से न्यूसेंस होगा औद्योगिक क्षेत्र के लिए पूर्व से ही पर्याप्त व्यवस्था है अभी इंडस्ट्रीज एरिया में भूखण्ड खाली पड़े हुए हैं, कनावटी क्षेत्र खाली है, झांझरवाड़ा में भी औद्योगिक क्षेत्र तैयार हो रहा है इस कारण पीजी कॉलेज के आसपास के क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में हटाया जाए।
3 .ग्रीन बेल्ट के लिए नालों के आसपास स्थान तय करें मास्टर प्लान के तहत ग्रीन बेल्ट के रूप में शहर के बीचो बीच में स्थान तय किए हैं। जिससे ना तो ग्रीन बेल्ट तैयार होगा और ना ही अतिक्रमण रुकेगा इस कारण नीमच शहर के नालों के आसपास 25 25 फीट का स्थान ग्रीन बेल्ट के रूप में तय किए जाएं और नाले के आसपास के स्थान को हरियाली के रूप में विकसित किया जाए ।
4. मल्टी फ्लोर पार्किंग का प्रावधान किया जाए नीमच शहर में पार्किंग की बहुत परेशानी है व्यापार व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। जमीनों की कीमत अधिक है शहर में पार्किंग के लिए स्थान तय किए जाएं। तथा महानगरों की तर्ज पर मल्टी फ्लोर पार्किंग की अनुमति दी जाए तथा इसके लिए प्रावधान किया जाए।
5. नदी नालों के पास हरित क्षेत्र आज्ञापक हो नदी नालों के दोनों और हरित क्षेत्र सांकेतिक स्वरूप का प्रस्तावित किया गया है जबकि नदी और नालों के दोनों और हरित क्षेत्र अनिवार्य स्वरूप का होना चाहिए आज्ञापक क्षेत्र पर्यावरण के लिए भी सही रहेगा और भूमिका विकास नियमों का पालन होगा।
6.जल क्षमता के लिए चंबल के पानी का प्रावधान भी हो नीमच नगर को वर्ष 2031 तक 75 एमजीडी जल आपूर्ति की आवश्यकता है जिसके लिए जाजू सागर डैम की क्षमता वृद्धि का प्रस्तावित किया गया है जाजू सागर डेम की क्षमता के साथ चंबल के पानी लाने का प्रस्ताव भी किया जाना चाहिए ।नीमच को भविष्य में चंबल के पानी की आवश्यकता होगी।
7. भगवानपुरा एवं पीजी कॉलेज के पीछे की भूमि पर खेल सुविधाओं का प्रावधानों आमोद प्रमोद के लिए डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम को ही विकसित माना गया है जबकि पीजी कॉलेज के पीछे भगवानपुरा के पास शासकीय खुली हुई है जहां पर खेल गतिविधियां होती है उसे खेल मैदान के रूप में विकसित किया जाना और भविष्य में स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाना चाहिए तथा शहर में खेल सुविधाओं के लिए और भी स्थान चिन्हित किए जाएं।
8.बघाना और नीमच सिटी की सब्जी मंडी का नीमच कैंट की पुरानी मंडी में स्थानांतरण अनुचित वर्तमान में जिस स्थान पर सब्जी और फल की मंडी है उसके स्थान पर बघाना ओर नीमच सिटी की सब्जी मंडी का प्रस्ताव अनुचित है अनउपयुक्त है और गलत है बघाना और सिटी में प्रथक प्रथक उपयुक्त सब्जी मंडी का प्रथम प्रावधान होना चाहिए ।
9. कृषि उपज मंडी में थोक सब्जी मंडी का प्रस्ताव गलत कृषि उपज मंडी के चंगेरा का स्थानांतरित हो जाने के बाद उसी स्थान पर थोक सब्जी मंडी का प्रस्ताव अनुचित है गलत है कृषि उपज मंडी को कुछ विशेष फसल के लिए कृषि मंडी के लिए ही सुरक्षित रखा जाना चाहिए। जिससे व्यापार व्यापारी मजबूत और सुरक्षित भी होंगे।
10 . ईट भट्टो की भूमि का पहला हक स्थानीय निवासियों का ग्वाल टोली चौराहे पर नए बस स्टैंड हेतु भूमि प्रस्तावित की गई इस चोराहे पर बस स्टैंड तो होना चाहिए लेकिन ईट भट्टों के स्थान पर बस स्टैंड का प्रस्ताव गलत ही भट्टो के स्थान पर पहला हक स्थानीय निवासियों का है।
11.ईट भट्टो के डूंगलावदा के बजाय रावत खेड़ा तय किया जाए ग्वालटोली क्षेत्र के ईट भट्टो को डूंगलावदा क्षेत्र में प्रस्तावित किया गया है जो गलत वह अनुचित है ,1 ईट भट्टो के लिए पूर्व सही रावतखेड़ा क्षेत्र तय है और विकसित किया गया है।
12. शासकीय भूमि की पहचान सुनिश्चित की जाए शहरी क्षेत्र में निजी व्यक्तियों और निजी कॉलोनी के मध्य है और आसपास शासन और नगर पालिका बहुमूल्य भूमिया है पहचान के अभाव में अतिक्रमण बढ़ता है इसलिए शहरी क्षेत्र की शासकीय एवं नगरपालिका की संपत्ति का सीमांकन किया जाकर सीमा चिन्ह लगाया जाए।
13. एलआईसी चौराहे से अजीमगढ़ चौराहे को व्यवसायिक किया जाए एलआईसी चौराहे से अजीमगढ़ चौराहा(यामहा शोरूम) तक सड़क दोनों और व्यवसायिक गतिविधियां की अनुमति दी जाकर इस स्थान को व्यवसायिक किया जाए।
14. मेसी शोरूम से पीजी कॉलेज तक के संपूर्ण क्षेत्र को व्यवसायिक गतिविधियों के लिए मंजूर किया जाए।
15.एमओएस में पार्किंग के अनुमति होनी चाहिए जमीन की कीमत बहुत अधिक है इस कारण एमओएस लिए छोड़े जाने वाली भूमि में पार्किंग की अनुमति दी जाना चाहिए।
16.जीवाजीराव छात्रावास झुग्गी झोपड़ियों की पुनःस्थापित किए जाने का प्रस्ताव गलत है इन्हें रामपुरा दरवाजा यादव मोहल्ला ग्वालटोली भगवानपुरा गरीब मोहल्ला यादव मंडी हरिजन बस्ती रेगर मोहल्ला भोलाराम कम्पाउंड में विस्थापित करने के बजाय इनके लिए अलग से नई कॉलोनी विकसित की जाए ।
17. ट्रांसपोर्ट नगर ऑटो पार्ट्स वर्कशॉप मेकेनिक आदि को प्राइवेट बस स्टैंड से ट्रांसपोर्ट नगर के पास विकसित करने का प्रस्ताव उपयुक्त नहीं है,व्यापारी परेशान ओर प्रभावित होंगे।
18. मिश्रित उपयोग के लिए मार्ग की चौड़ाई कम की जाए नीमच में व्यवसाई गतिविधियों को बढ़ाने के लिए मिश्रित उपयोग का प्रभाव बहुत ही उपयोगी है लेकिन इसके लिए लगाई गई 120 मीटर या उससे अधिक चौड़े मार्ग की शर्त व्यवहारिक नही है। चोडा मार्ग नहीं होने से मिश्रित उपयोग नहीं होना होगा इसलिए चौड़ाई कम की जाए।
19 पदचारी मार्ग प्रस्तावित किए जाएं यात्रा पथ चालकों के साथ वृद्धों की सुविधा के लिए पंदचारी मार्ग का सुझाव है इसलिए टैगोर मार्ग ,तिलक मार्ग,वीर पार्क काटजू मार्ग, पुस्तक बाजार आदि क्षेत्रो में पदचारी मार्ग प्रस्तावित किए जाए और नियत किया जाए।
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