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World Physiotherapy Day पर बदलती जीवनशैली और पुरुषों की सेहत पर एक जरूरी बातचीत An important conversation on changing lifestyles and men's health on World Physiotherapy Day

पुरुषों का स्वास्थ्य: दर्द शुरू होने से पहले फिजियोथेरेपी क्यों जरूरी है


डॉ रजत सोनी
MPT ORTHO PHD

आज का पुरुष पहले से अधिक व्यस्त है। सुबह की जल्दी, घंटों ऑफिस में बैठना, लगातार मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल, अनियमित नींद, तनाव, व्यायाम के लिए समय की कमी और परिवार व काम की जिम्मेदारियां—इन सबका असर धीरे-धीरे शरीर पर दिखाई देने लगता है।


समस्या यह नहीं कि शरीर में बदलाव हो रहे हैं। समस्या यह है कि पुरुष अक्सर इन बदलावों को तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक वे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करना शुरू न कर दें।


यही कारण है कि फिजियोथेरेपी को केवल चोट लगने या ऑपरेशन के बाद की चिकित्सा मानने के बजाय पुरुषों के स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली का हिस्सा समझने की जरूरत है।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना आसान है

एक व्यक्ति दिनभर ऑफिस में बैठता है। शाम को कमर में दर्द होता है। वह सोचता है—“कल ठीक हो जाएगा।”


कुछ महीनों बाद गर्दन में लगातार जकड़न रहने लगती है। वह दर्द की दवा ले लेता है।

कुछ वर्षों बाद सीढ़ियां चढ़ते समय घुटने में दर्द होने लगता है। वह लिफ्ट का इस्तेमाल शुरू कर देता है।

धीरे-धीरे व्यक्ति अपनी गतिविधियां कम करता जाता है। कम गतिविधि से मांसपेशियों की ताकत और शारीरिक क्षमता और कम हो सकती है। इस तरह एक छोटी समस्या धीरे-धीरे जीवनशैली की बड़ी सीमा बन सकती है।


फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल उस समय इलाज करना नहीं है जब समस्या गंभीर हो चुकी हो, बल्कि शरीर की क्षमता को बनाए रखना और व्यक्ति को उसकी गतिविधियों में लंबे समय तक सक्रिय रखना भी है।

पुरुषों के लिए मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य क्यों महत्वपूर्ण है?

पुरुषों में कमर, गर्दन, कंधे, घुटने और टखने से जुड़ी समस्याएं आम हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत posture, शारीरिक गतिविधि की कमी, अचानक बहुत अधिक व्यायाम करना या बिना सही तकनीक के वजन उठाना इन समस्याओं को बढ़ा सकता है।


फिजियोथेरेपिस्ट व्यक्ति की समस्या के अनुसार posture, muscle strength, flexibility, mobility और movement pattern का मूल्यांकन कर सकता है।

उदाहरण के लिए, सिर्फ घुटने के दर्द पर ध्यान देने के बजाय यह देखना जरूरी हो सकता है कि पैर की मांसपेशियों की ताकत कैसी है, कूल्हे की movement कैसी है और व्यक्ति चलने या सीढ़ियां चढ़ने का तरीका कैसा है।

अर्थात फिजियोथेरेपी केवल “जहां दर्द है, वहां इलाज” की प्रक्रिया नहीं है। इसका उद्देश्य शरीर की movement system को समझना और बेहतर बनाना है।


40 के बाद क्या बदलता है?


चालीस की उम्र के बाद कई पुरुष महसूस करते हैं कि शरीर पहले जैसा साथ नहीं देता। लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में stiffness, पहले की तुलना में जल्दी थकान, खेल या exercise के बाद recovery में अधिक समय लगना और मांसपेशियों की ताकत में कमी जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं।


उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन शारीरिक क्षमता में कमी को पूरी तरह अपरिहार्य मान लेना सही नहीं है।


नियमित physical activity, strength training, flexibility exercises, balance training और सही lifestyle व्यक्ति को लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद कर सकते हैं।


विशेष रूप से उम्रदराज पुरुषों में strength और balance training महत्वपूर्ण है। मजबूत पैर, बेहतर balance और सुरक्षित movement गिरने के जोखिम को कम करने तथा independence बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।


पुरुषों की एक अनकही समस्या—Pelvic Health


पुरुषों के स्वास्थ्य की चर्चा अक्सर हड्डियों, मांसपेशियों, हृदय और फिटनेस तक सीमित रहती है। लेकिन pelvic health भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।


प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं या कुछ सर्जरी के बाद कुछ पुरुषों को urinary control, pelvic floor muscle function और sexual health से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


यह ऐसा विषय है जिस पर पुरुष अक्सर डॉक्टर या परिवार से भी खुलकर बात नहीं करते।


यहीं पर specialized pelvic health physiotherapy की भूमिका सामने आती है। उचित assessment के बाद pelvic floor muscles की training, bladder habits, breathing और functional exercises जैसी तकनीकों का उपयोग व्यक्ति की जरूरत के अनुसार किया जा सकता है।


इस विषय में सबसे महत्वपूर्ण बात है—शर्म नहीं, सही जानकारी।


हर समस्या का कारण एक जैसा नहीं होता और हर व्यक्ति के लिए एक जैसा treatment भी उचित नहीं होता। इसलिए विशेषज्ञ का मूल्यांकन जरूरी है।

खेल और जिम करने वाले पुरुषों के लिए भी जरूरी

आज फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। जिम, running, cycling और sports में पुरुषों की भागीदारी भी बढ़ी है। लेकिन exercise जितनी फायदेमंद है, गलत तरीके से करने पर चोट का खतरा भी उतना ही बढ़ सकता है।


बहुत जल्दी वजन बढ़ाना, warm-up की अनदेखी करना, technique पर ध्यान न देना या पुराने दर्द के बावजूद लगातार exercise करना injury का कारण बन सकता है।


Sports physiotherapy में injury के इलाज के साथ-साथ rehabilitation और return-to-sport planning पर भी ध्यान दिया जाता है।


लक्ष्य केवल दर्द खत्म करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सुरक्षित और बेहतर तरीके से अपनी गतिविधि में वापस लाना होना चाहिए।


“समय नहीं है” सबसे बड़ा बहाना है

पुरुष अक्सर कहते हैं—“Exercise के लिए समय नहीं मिलता।”

लेकिन स्वस्थ शरीर के लिए हमेशा लंबे workout की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी आदतें भी महत्वपूर्ण हैं।


लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठना, नियमित walking, सीढ़ियों का उपयोग, basic strength exercises और अपनी क्षमता के अनुसार physical activity शुरू करना अच्छे कदम हो सकते हैं।


यदि किसी व्यक्ति को लगातार दर्द, कमजोरी, movement में कमी या बार-बार होने वाली चोट की समस्या है, तो self-treatment के बजाय उचित clinical assessment करवाना बेहतर है।


फिजियोथेरेपी का भविष्य: इलाज से Prevention की ओर


फिजियोथेरेपी की भूमिका अब केवल “दर्द होने पर treatment” तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।


एक आधुनिक physiotherapy approach में व्यक्ति की उम्र, occupation, physical activity, previous injuries, strength, balance, mobility और functional goals को ध्यान में रखकर preventive strategies भी बनाई जा सकती हैं।


विशेषकर 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में यह दृष्टिकोण और महत्वपूर्ण हो जाता है। उद्देश्य होना चाहिए कि व्यक्ति उम्र बढ़ने के बावजूद अपने दैनिक कार्य स्वयं कर सके, परिवार के साथ सक्रिय रह सके और अपनी independence को लंबे समय तक बनाए रख सके।


पुरुषों को एक नई परिभाषा की जरूरत है


हमारे समाज में मजबूत पुरुष की छवि अक्सर ऐसी बनाई जाती है जो थकता नहीं, दर्द की शिकायत नहीं करता और मदद नहीं मांगता।


लेकिन वास्तविक मजबूती शायद कुछ और है।


अपने शरीर को समझना।

समय पर जांच करवाना।

व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाना।

दर्द को नजरअंदाज न करना।

और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना।


किसी पुरुष का अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना स्वार्थ नहीं है। वह अपने परिवार, अपने काम और अपने भविष्य के प्रति जिम्मेदारी है।

World Physiotherapy Day का संदेश

इस World Physiotherapy Day पर पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए संदेश सरल है—

फिजियोथेरेपी केवल दर्द के बाद की चिकित्सा नहीं है; यह बेहतर movement, बेहतर function और अधिक स्वतंत्र जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

पुरुषों को अपने स्वास्थ्य के बारे में बात करने की जरूरत है—घुटने के दर्द से लेकर कमर की समस्या तक, खेल की चोट से लेकर उम्र से जुड़ी कमजोरी तक और pelvic health से जुड़े संवेदनशील विषयों तक।

क्योंकि स्वस्थ शरीर वह नहीं जिसमें कभी दर्द न हो। स्वस्थ शरीर वह है जिसकी जरूरतों को हम समय पर पहचानते हैं।

इस बार World Physiotherapy Day पर एक संकल्प लें—दर्द को सहने की आदत नहीं, स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आदत बनाएं।

क्योंकि असली फिटनेस सिर्फ मजबूत दिखने में नहीं, बल्कि जीवन के हर पड़ाव पर स्वतंत्र और सक्रिय बने रहने में है।



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