अशोक परिहार दैनिक दबंग देश
आगर-मालवा। आगर जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। आरोप है कि विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर भौतिक सत्यापन किए बिना ही सोलर पैनलों को पोर्टल पर अप्रूव कर नेट-मीटर चालू कर रहे हैं।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि वेंडर कंपनी द्वारा छत पर पैनल लगाने के कुछ घंटों बाद ही विभाग की ओर से कमीशनिंग का मैसेज आ जाता है, जबकि जेई या लाइनमैन का कोई भी व्यक्ति स्थल पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचता। नियमानुसार पैनल की क्षमता, अर्थिंग, स्ट्रक्चर और वायरिंग की जांच के बाद ही नेट-मीटरिंग की अनुमति दी जानी चाहिए।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना जांच के सिस्टम चालू होने से एक तरफ घटिया इंस्टॉलेशन से हादसे का खतरा बना हुआ है, तो दूसरी तरफ गलत क्षमता दिखाकर सब्सिडी लेने का खेल भी चल रहा है। कई मामलों में उपभोक्ता को बाद में लोड बढ़ोतरी का अतिरिक्त बिल भी थमाया जा रहा है।
इस संबंध में जब आगर डिवीजन के अधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि जिले में लगे सभी सोलर प्लांट का दोबारा भौतिक सत्यापन कराया जाए और दोषी वेंडर व अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

Post a Comment