बड़नगर/प्राचीन हिंगलाज माता मंदिर रंगार सेरी पर देव झूलनी एकादशी को भगवान गणेश एवं लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार और पूजन अर्चन कर आरती हुई। पुजारी देवपुरी गोस्वामी ने बताया कि ढोल ग्यारस का महत्व है कि भगवान कृष्ण जन्म के 11 दिन बाद माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था और श्री लड्डू गोपाल का श्रंगार कर झूले में झुलाया था तभी से इस त्यौहार को ढोल ग्यारस के रूप में मनाया जाता है जानकारी देवपुरी गोस्वामी ने दी
ढोल ग्यारस को लड्डू गोपाल व श्री गणेश का हुआ श्रृंगार,और आरती On Dhol Gyaras, Laddu Gopal and Shri Ganesh were decorated and aarti was performed.
DabangDesh
0

Post a Comment