नगर परिषद निवाली का दोहरा चेहरा उजागर”
(बड़वानी निवाली)
बड़वानी जिले की नगर परिषद निवाली बस स्टैंड क्षेत्र में का कथित दोहरा रवैया अब खुलकर सामने आ गया है।
एक ओर कुछ लोगों को बस स्टैंड निवाली जमीन पर नियमों को दरकिनार कर मोटा रकम लेकर रजिस्ट्री दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर 50 से 60 वर्षों से रोज़ी-रोटी चला रहे गरीब दुकानदारों को अतिक्रमण बताकर हटाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है नगर परिषद निवाली में जिनके पास पैसा और पहुंच है, उनके लिए वही जमीन “वैध” बना दी जाती है, जबकि गरीबों को अतिक्रमण मान कर हटाया गया किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के उजाड़ा जा रहा है। इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि
शांताबाई पति स्व. मांगीलाल का करीब 60 साल पुराना कच्ची टीन की दुकान-मकान बिना किसी नोटिस दिए ही तोड़ दिया गया — और अब उंगलियां सीधे नगर परिषद सीएमओ और जिम्मेदार अधिकारियों पर उठ रही हैं। जबकि शांताबाई मांगीलाल के पास उसे स्थान का वर्तमान का बिजली का बिल सहित पुराने दस्तावेज उपलब्ध है जिससे यह प्रतीत होता है कि उनका कब्जा पिछले 50 से 60 सालों से चला रहा है परंतु नगर परिषद निवाली के
एक ही जमीन में अलग-अलग लोगों के लिए अलग अलग नियम लागू कर रही है
कुछ को रजिस्ट्री देकर मालिकाना हक, दूसरों को अतिक्रमणकारी घोषित
गरीब वर्षों पुराने व्यवसायों को अचानक हटाने की कार्रवाई का विरोध हो रहा है साथी इस जमीन पर नगर परिषद सीएमओ द्वारा रजिस्ट्री हेतु प्रमाण पत्र दिया जा कर रजिस्ट्री हो गई है यह दोहरा मापदंड क्यों गरीबों के लिए अलग कानून और अमीरों के लिए अलग कानून

Post a Comment