‘मार्ग अवरुद्ध मिला तो शांतिपूर्वक लिया निर्णय, जारी रहा आयोजन
अनिल पेन्टर दबंग देश
गौतमपुरा । भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक महोत्सव पर मंगलवार को श्वेतांबर जैन समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । साथ ही तिथि के हेर फेर के चलते दो दिवसीय विभिन्न आयोजन संपन्न हुए । ‘जियो और जीने दो’ के सिद्धांतों को केंद्र में रखते हुए नगर में शोभायात्रा निकाली गयी उस दौरान पिंजारा मोहल्ले में मार्ग अवरुद्ध मिलने पर समाज ने बिना किसी विरोध के रूट बदलकर कार्यक्रम जारी रखा । भगवान स्वामी का “जियो और जीने दो” का संदेश पूरे आयोजन में व्यवहारिक रूप से परिलक्षित हुआ ।
विधि-विधान से हुआ शुभारंभ :
प्रातःकाल मंदिर परिसर में भगवान महावीर के अभिषेक के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ । इसके पश्चात केसर एवं चंदन से विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया । शोभायात्रा प्रातः 10 बजे आकर्षक साज-सज्जा के साथ शोभायात्रा निकाली गई । रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा विराजित रही तथा परंपरानुसार बेदीजी को श्रद्धालुओं ने कंधों पर धारण किया । महिलाएं केसरिया परिधान एवं पुरुष श्वेत वस्त्रों में शामिल हुए । नगर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच लगाए गए, जहां जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया । इस दौरान नगर भाजपा अध्यक्ष प्रमोद सक्सेना, नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि गगन बाहेती, पार्षद प्रतिनिधि अभय अब्बू भाटी, विनोद गुर्जर, वीरेंद्र डाबी, फूलचंद राठौड सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया ।
*संवेदनशील स्थिति में दिखाई परिपक्वता :*
शोभायात्रा प्रतिवर्षनुसार जब अपने तय मार्ग से नगर के पिंजारा मोहल्ले की और बढ़ी, तब प्रमुख मार्ग पर एक विशेष समुदाय के निजी आयोजन के चलते सड़क पर टेंट लगाए गए थे और आमंत्रित समुदाय के समाजजन लिए भोजन ( जमात ) दावत-ए-आम की व्यवस्था चल रही थी । जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध मिला । स्थिति स्पष्ट होने पर मौके पर उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों ने तत्काल विचार-विमर्श कर वैकल्पिक मार्ग अपनाने का निर्णय लिया । इस दौरान किसी प्रकार की आपत्ति या विरोध नहीं किया गया और शोभायात्रा को वहीं से यू टर्न लेकर अन्य मार्ग से आगे बढ़ाया गया, जिससे कार्यक्रम निर्धारित क्रम में सम्पन्न हुआ । शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां भगवान के दर्शन के पश्चात स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया । इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया । रात्रि में महाआरती एवं भजन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें समाजजनों की सहभागिता रही ।

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