अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स) श्री डी. श्रीनिवास वर्मा ने ली इंदौर विंग की समीक्षा बैठक
सिंथेटिक ड्रग्स के खात्मे, वित्तीय अनुसंधान और 'सफेमा' के तहत अवैध संपत्ति कुर्की पर रहेगा मुख्य फोकस
दबंग देश
इंदौर: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नारकोटिक्स विंग) मध्य प्रदेश, श्री डी. श्रीनिवास वर्मा द्वारा आज इंदौर नारकोटिक्स विंग के समस्त अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में एडीजी श्री वर्मा ने शासन की मंशानुसार वर्ष 2029 तक नशा मुक्त मध्य प्रदेश और संपूर्ण भारत के संकल्प को दोहराया। उन्होंने अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यदि सभी एकजुट होकर पूरी निष्ठा से प्रयास करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
बैठक में एडीजी द्वारा अधिकारियों को मुख्य रूप से निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए:
सिंथेटिक ड्रग्स का पूर्ण खात्मा: वर्तमान में युवा पीढ़ी को तेजी से बर्बाद कर रहे सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए।
• वित्तीय अनुसंधान और कठोर सजा: कमर्शियल (व्यावसायिक) मात्रा में जब्त अवैध मादक पदार्थों के मामलों में गहन वित्तीय जांच (Financial Investigation) करने और हर एक आरोपी को माननीय न्यायालय के माध्यम से सख्त दंड दिलाने के निर्देश दिए।
• सफेमा' के तहत संपत्ति जब्ती: अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार से अर्जित की गई संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सफेमा (SAFEMA) के तहत कड़ी कार्रवाई कर संपत्ति जब्त करने की बात कही।
• सोर्स और टारगेट पर प्रहार: ड्रग्स सप्लाई चेन के मुख्य उद्गम (Source) और अंतिम छोर (Target) के अपराधियों को पकड़कर कानून के दायरे में लाने पर जोर दिया गया।
• जागरूकता अभियान: युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर नशे के दुष्परिणामों के प्रति निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की समझाइश दी गई।
बैठक के अंत में एडीजी श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि विंग में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहित व पुरस्कृत किया जाएगा, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी।

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