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110 किलोमीटर दूर इंदौर पहुंचकर दो युवाओं ने किया रक्तदान, बचाई महिला की जान Two young men donated blood in Indore, 110 km away, saving a woman's life.

 जितेंद्र सिंह सोलंकी दबंग देश 

नीमरानी/गौरव डावर और देवेंद्र ओसारी ने पेश की इंसानियत की मिसाल, ‘किंग्स ऑफ खलबुजुर्ग’ क्लब से जुड़े हैं 500 युवा, एक कॉल पर मदद के लिए रहते हैं तैयार



खलबुजुर्ग। किसी अनजान की जिंदगी बचाने के लिए 110 किलोमीटर का सफर तय करना केवल मदद नहीं, बल्कि इंसानियत के प्रति समर्पण की मिसाल है। खलबुजुर्ग के युवा गौरव डावर और देवेंद्र ओसारी ने इंदौर पहुंचकर एक जरूरतमंद महिला के लिए रक्तदान किया। दोनों युवाओं ने दूरी की परवाह किए बिना रक्तदान के लिए आगे आकर महिला की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।


किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिलना उसके लिए जीवनदान साबित हो सकता है। गौरव और देवेंद्र का यह प्रयास बताता है कि इंसानियत के आगे न दूरी मायने रखती है और न ही परिचय। किसी अनजान की जिंदगी बचाने का जज्बा ही सच्ची मानवता है।


एक कॉल पर मदद के लिए तैयार रहते हैं 500 युवा


खलबुजुर्ग के युवाओं ने ‘किंग्स ऑफ खलबुजुर्ग’ नाम से एक क्लब बना रखा है। इस समूह से करीब 500 युवा जुड़े हुए हैं। इनका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद करना है। क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के शहरों में भी किसी मरीज को रक्त की जरूरत पड़ने पर क्लब के सदस्य मदद के लिए आगे आते हैं। सूचना मिलते ही उपलब्धता और जरूरत के अनुसार युवा अस्पताल पहुंचकर रक्तदान करते हैं।


युवाओं ने सेवा को बनाया संकल्प


आज के दौर में जब लोग अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं, ऐसे समय में इन युवाओं की पहल समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है। रक्तदान की यह मुहिम केवल एक समूह तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद जगाने का प्रयास है।


110 किलोमीटर का सफर तय कर रक्तदान करने पहुंचे गौरव और देवेंद्र ने यह साबित किया कि इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती। किसी अनजान की जिंदगी बचाने के लिए उठाया गया एक कदम भी किसी परिवार की दुनिया उजड़ने से बचा सकता है। रक्त की कुछ बूंदें किसी के लिए जिंदगी की नई शुरुआत बन सकती हैं।

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