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फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम: टीचिंग अध्यापन केस और समस्या आधारित लर्निंगFaculty Development Programme: Teaching Pedagogy Case and Problem Based Learning

फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम: टीचिंग अध्यापन केस और समस्या आधारित लर्निंग

इंदौर/मेडिलैप्स यूनिवर्सिटी, इंदौर के प्रबंधन और वाणिज्य विभाग में 23 अप्रैल 2022 को एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ डी. के. पांडा, प्रति उप-कुलपति, प्रो. (डॉ) हरीश बापट, डीन प्रबंध और वाणिज्य, प्रो. (डॉ.) नितिन गिरधरवाल, प्रबंध विभागाध्यक्ष, प्रो. (डॉ.) हलदर शर्मा, वाणिज्य विभागाध्यक्ष, और विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य और विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इंदौर/मेडिलैप्स यूनिवर्सिटी, इंदौर के प्रबंधन और वाणिज्य विभाग में 23 अप्रैल 2022 को एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डॉ डी. के. पांडा, प्रति उप-कुलपति, प्रो. (डॉ) हरीश बापट, डीन प्रबंध और वाणिज्य, प्रो. (डॉ.) नितिन गिरधरवाल, प्रबंध विभागाध्यक्ष, प्रो. (डॉ.) हलदर शर्मा, वाणिज्य विभागाध्यक्ष, और विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य और विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


कार्यक्रम के प्रथम सत्र मे अध्यक्षता प्रबंध और वाणिज्य संकयाध्यक्ष प्रो. हरीश बापट ने केस बेस टीचिंग का अर्थ और महत्व समझाया। सिद्धांत को व्यावहारिकता से जोड़ने के लिए दुनिया भर के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों द्वारा केस आधारित शिक्षण का उपयोग होता है, केस स्टडी छात्रों को स्थिति के विभिन्न आयामों पर विचार करते हुए निर्णय लेने के लिए कौशल, दृष्टिकोण और ज्ञान विकसित करने में मदद करती है। प्रो. बापट ने कक्षा शिक्षण में उपयोग की जाने वाली तकनीकों के साथ-साथ छोटे उदाहरण का प्रयोग कर विषय पर गहराई से चर्चा की। दूसरे सत्र के विशेषज्ञ प्रो. नितिन गिरधरवाल ने परिणाम आधारित शिक्षा की व्याख्या और चर्चा की। नई शिक्षण शिक्षाशास्त्र निरंतर सुधार, प्रबंधन स्नातक विशेषताओं- प्रबंधन ज्ञान, जटिल समस्या की जांच, निर्णय लेने, व्यक्तिगत और टीम वर्क, अजीवन सीखने, नैतिकता और पर्यावरण के अनुकूलता से लैस है। नवीन विधियों के साथ सर्वोत्तम सामग्री प्रदान करने के लिए उच्च भावना और जुनून के साथ शिक्षा में परिणाम प्राप्त किए जाते हैं।

 तीसरा सत्र डॉ. मुकेश पोरवाल और डॉ. सुनील मिश्रा ने विषय - प्रॉब्लम बेस्ड लर्निंग पर ब्याख्यान लिया। समस्या आधारित शिक्षा एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जो चर्चा की समस्या, समाधान खोज्ने, अंतर्दृष्टि साझा करने, डेटा को संसाधित करने और चर्चाओं को सामान्य बनाने का अनुसरण करती है। समस्या आधारित शिक्षा में स्थायी समाधान तक पहुंचने में छात्रों को शामिल किया गया। कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार महोदय डॉ अंकुर सक्सेना ने धन्यवाद् शापित करते हुए किया।कार्यक्रम के समन्वयक थे प्रो रूचि कुशवाह प्रो शिल्पी पाटिल प्रो शुशील लद्दू प्रो जीतेन्द्र चारण।

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