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नर्मदा किनारे ब्लास्टिंग से दहला खलबुजुर्ग Khulburzurg rocked by blasting along the banks of the Narmada

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और रहवासियों की सुरक्षा खतरे में

नीमरानी से जितेंद्र सिंह सोलंकी दबंग देश 

निमरानी .खरगोन जिले के खलबुजुर्ग में शनिवार शाम को हुई एक अनियंत्रित ब्लास्टिंग ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी।

नर्मदा किनारे

 नल-जल योजना के तहत हो रहे इंटकवेल निर्माण कार्य के लिए की गई इस ब्लास्टिंग ने न केवल रहवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि 1919 में निर्मित ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन पुल के अस्तित्व पर भी गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।ग्राम खलबुजुर्ग में उस समय ब्लास्टिंग की गई जिस समय शनिवार शाम करीब 6:20 बजे जब पुल पर नर्मदा नदी के पार खलघाट में


साप्ताहिक बाजार के चलते भारी भीड़ पुल पर मौजूद थी।यह भीड़ ब्रिटिश शासन का पुल पैदल पार करके आवागमन कर रहे थे।

तभी अचानक हुए विस्फोट से हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तीव्र था कि ग्राम खलबुजुर्ग में आसपास के घरों में तेज कंपन महसूस हुआ, जिससे डरकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई ग्रामीणों ने अपने घरों की दीवारों में दरारें आने की शिकायत भी की है। गनीमत रही कि ब्लास्टिंग के समय पुल पर कोई अनहोनी नहीं हुई, अन्यथा यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।

नियमों को ताक पर रखकर यहां इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है 

जांच में सामने आया है कि इस खतरनाक गतिविधि के लिए किसी भी विभाग से अनुमति नहीं ली गई थी वही पुलिस विभाग से खलटाका पुलिस चौकी प्रभारी मिथुन चौहान ने स्पष्ट किया है कि उन्हें ब्लास्टिंग के संबंध में न तो कोई आवेदन मिला और न ही कोई अनुमति जारी की गई।

अगर ऐसा कुछ हुआ है तो में जानकारी लेता हु। खलबुजुर्ग ग्राम

पंचायत सचिव हेमंत सितोले ने भी पुष्टि की कि पंचायत से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी और न ही ग्रामीणों को पहले से कोई सूचना (मुनादी) दी गई थी।

इतनी बड़ी ब्लास्टिंग की गई है तो क्षेत्र में डर माहौल बन गया है 

ऐतिहासिक विरासत पर मंडराया संकट

यह ब्लास्टिंग स्थल वर्ष 1919 में बने ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन पुल के बेहद करीब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे इस तरह के विस्फोट पुल की नींव को कमजोर कर रहे हैं। यह पुल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान है और आवागमन का मुख्य जरिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने इस लापरवाही पर तुरंत लगाम नहीं लगाई, तो यह धरोहर कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है।घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि:ल

इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

 दोषियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

 रहवासी क्षेत्र में ब्लास्टिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

इस संबंध में जब पटवारी आदित्य शर्मा से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों की मांग है कि स्थानीय प्रशासन जल्द से जल्द सुरक्षात्मक कदम उठाए ताकि भविष्य में किसी भी जनहानि या ऐतिहासिक नुकसान को रोका जा सके।

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