सिर्फ दो लोगों के भरोसे अस्पताल, नर्स-वार्ड बॉय दोनों गायब — जिम्मेदार मौन
आदर्श मेवाड़े दबंग देश
मंडलेश्वर /ग्राम सोमाखेड़ी स्थित शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। मंगलवार संध्या समय 5 से 6 एक घंटा शासकीय सामुदायिक स्वास्थ केंद्र मरीजों के उपचार के लिए खुलता है लेकिन मौके पर पहुंचने पर अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मामले की जानकारी तत्काल ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) अतुल गौर को दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले 2 महीनों से यहां कोई डॉक्टर पदस्थ नहीं है और पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी सिर्फ दो लोगों — एक नर्स और एक वार्ड बॉय — के भरोसे चल रही है।
लेकिन निरीक्षण के दौरान स्थिति और भी गंभीर पाई गई, क्योंकि दोनों ही कर्मचारी मौके पर अनुपस्थित थे, जिसके चलते अस्पताल पर ताला लगा हुआ था।
बीएमओ ने सफाई देते हुए कहा कि “कोई केस नहीं होने के कारण स्टाफ अपने घर चला गया था”, जो व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ग्राम नांद्रा में पिछले 1 वर्ष से डॉक्टर का पद खाली है, जिससे वहां के ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
कार्रवाई के संबंध में बीएमओ अतुल गौर ने कहा कि नर्स और वार्ड बॉय दोनों को नोटिस जारी किया जाएगा, क्योंकि बिना अनुमति अस्पताल बंद करना गंभीर लापरवाही है।
बड़ा सवाल:
जब अस्पताल सिर्फ दो कर्मचारियों के भरोसे चल रहा हो और वे भी गायब मिलें, तो ग्रामीणों की जान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
कब जागेगा प्रशासन? क्यों जिम्मेदार अब भी मौन हैं?
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द डॉक्टर की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू किया जाए और लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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